कोरोना काल में वाणिज्य कर विभाग ने कर वसूली में लंबी छलांग लगाई है। इस वित्तीय वर्ष में लगे कोरोना कर्फ्यू और उसके बाद बाजार में ज्यादा रौनक न होने के बावजूद वाणिज्य कर विभाग की कर वसूली में ज्यादा फर्क नहीं आया है। कोरोना की पहली लहर के मुकाबले इसकी दूसरी लहर में अप्रैल से जुलाई तक वाणिज्य कर विभाग का जीएसटी कलेक्शन पिछले वर्ष की तुलना में दो गुना से ज्यादा रहा। जुलाई माह की ही बात करें तो इस बार कर वसूली वर्ष 2019 और 2020 की तुलना में बेहतर रही।
वाणिज्य कर विभाग के आंकड़ों पर गौर करे तो पिछले वर्ष कोरोना की पहली लहर में विभाग को अप्रैल से जुलाई तक विभाग का मात्र 320.54 करोड़ रुपये का ही रेवन्यु मिला। जबकि इस वर्ष कोराना कर्फ्यू एवं अन्य बंदिशों के बावजूद वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम चार महीनों में विभाग ने सिर्फ रेवन्यु से ही 690.79 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। जुलाई 2021 की ही बात करें तो वाणिज्य कर विभाग के प्रयागराज जोन को रेवन्यु के रूप में 192.45 करोड़ रुपये मिले।
इस अवधि में पिछले वर्ष यह आंकड़ा 162.20 करोड़ और वर्ष 2019 में जब कोरोना का कहीं कोई नामोनिशान नहीं था तब विभाग ने 184.89 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। लेकिन इस बार विभाग द्वारा 190 करोड़ रुपये से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया गया। इससे विभाग के अफसर और कर्मचारी भी खासे उत्साहित हैं। अफसरों को उम्मीद है कि इस माह स्वतंत्रता दिवस, रक्षा बंधन और जन्माष्टमी आदि पर्व होने की वजह से जीएसटी कलेक्शन और बढ़ेगा।
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्रर ग्रेड वन डीएस तिवारी ने बताया कि पूरी तरह से बाजार खुलने का असर अब दिखने लगा है। इसी वजह से व्यापारी अब रिटर्न भी भर रहे हैं। अब फेस्टिवल सीजन आने वाला है। ऐसे में जीएसटी रिटर्न और बढने की संभावना है। कर एवं वित्त सलाहकार प्रतीक मालवीय बताते हैं कि अगर बाजार में साप्तहिक बंदी एक दिन ही हो तो जीएसटी कलेक्शन करोड़ों में बढ़ जाएगा।
माह 2019 का संग्रह 2020 का संग्रह 2021 का संग्रह
अप्रैल 218.44 करोड़ 13.43 करोड़ 230 करोड़
मई 169.44 करोड़ 57.18 करोड़ 145 करोड़
जून 163.18 करोड़ 87.73 करोड़ 123.34 करोड़
जुलाई 184.89 करोड़ 162.20 करोड़ 192.45 करोड़