10 बिस्वा में अवैध तरीके से अफीम की खेती, एक गिरफ्तार
हंडिया के इमामगंज स्थित नौनरा गांव में 10 बिस्वा जमीन में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामला बृहस्पतिवार को पकड़ा गया। आरोपी विजय चंद्र मौर्य को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मौके से करीब एक करोड़ रुपये के अनुमानित मूल्य की अफीम(पौधा व फल) बरामद किया गया है।
डीसीपी गंगानगर अभिषेक भारती ने बताया कि बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि नौनरा गांव में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से अफीम की खेती की जा रही है। मौके पर पहुंचकर देखा गया तो पता चला कि लगभग 10बिस्वा जमीन पर अफीम की खेती की गई थी। जानकारी करने पर यह बात सामने आई कि खेती करने वाले का नाम विजय चंद्र मौर्य है जो अपने ही खेत में अवैध तरीके से अफीम उगा रहा था।
उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसके पास किसी तरह के लाइसेंस होने की बात सामने नहीं आई। सूचना पर आबकारी विभाग व तहसील प्रशासन के अफसर भी आ गए। इसके बाद मौके से 1470 पौधे व 1718 फल बरामद किए गए। इसका अनुमानित मूल्य लगभग एक करोड़ रुपये है। मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कम से कम पांच महीने से चल रहा था खेलजानकारों का कहना है कि अफीम की खेती में बोआई अक्तूबर-नवंबर महीने में होती है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह खेल पांच महीने से चल रहा था। तीन से चार महीने में पौधों में फूल आने लगते हैं। फूलों के झड़ने के बाद इसमें डोडे लग जाते हैं। हार्वेस्टिंग की प्रक्रिया में डोडों में चीरा लगाकर रात भर छोड़ दिया जाता है। अगले दिन सुबह इसमें से निकला तरल पदार्थ इकट्ठा कर लिया जाता है। डोडे के सूखने पर बीज निकाल दिया जाता है। इसी से अफीम बनाई जाती है। नारकोटिक्स डिपार्टमेंट वैध किसानों से अफीम की खरीदारी करता है।
बिना लाइसेंस एक पौधा लगाना भी गैरकानूनी
अफीम की खेती के लिए वित्त मंत्रालय की ओर से लाइसेंस मिलता है। बिना लाइसेंस एक भी पौधा लगाना गैरकानूनी है। लाइसेंस भी विशेष स्थानों पर खेती के लिए दिया जाता है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स की वेबसाइट पर इसके लिए आवेदन करना होता है।
अब तक कैसे अफीम की खेती होती रही, इस बारे मैं नहीं बता सकता। यह बड़ी कार्रवाई है। जैसे ही सूचना मिली कार्रवाई की गई। - राजेंद्र कुमार शर्मा, आबकारी उपायुक्त प्रयागराज मंडल