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सुप्रीम कोर्ट, हाइकोर्ट जजों के वेतन से हर माह हो 10 प्रतिशत कटौती, जस्टिस सुधीर अग्रवाल ने मुख्य न्यायमूर्ति को लिखा पत्र

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justice sudhir agrawal - फोटो : prayagraj
इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर को पत्र लिखकर कहा है कि कोरोना महामारी की वजह से पैदा हुए हालात में देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में उच्च न्यायपालिका ( हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट ) के जजों के वेतन से दस प्रतिशत प्रति माह की कटौती कम से कम एक साल तक होनी चाहिए।

उन्होंने रिटायर्ड जजों की पेंशन से भी 5 प्रतिशत कटौती एक साल तक किए जाने का सुझाव दिया है। जस्टिस सुधीर अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी अनुरोध किया है कि वह कम से कम एक साल तक हर महीने 50 हजार रुपए सरकार को दे ताकि इस प्राकृतिक आपदा से निपटने में न्यायपालिका की ओर से देश की कुछ मदद की जा सके । जस्टिस अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कोरोना के कारण देश में आपातकाल जैसे हालात है।
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salary - फोटो : social media
इसके कारण पूरा देश पिछले एक माह से लॉक डाउन है और यह कोई नहीं जानता की हालत कब सामान्य होंगे।भारत सरकार और न्यायपालिकाओं के प्रमुख दोनों ही इस समय आर्थिक तंगी का सामना कर रहे। इसलिए आम नागरिकों से सहयोग की मांग की है ।इसमें उत्तर प्रदेश की न्यायिक संस्थाएं भी पीछे नहीं है। प्रदेश की न्यायपालिका ने सम्मान पूर्वक अपना योगदान दिया है। लोग स्वेच्छा से मदद को सामने आ रहे हैं।
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1 - फोटो : social media
जस्टिस अग्रवाल का कहना है की इन हालात में देश की विधायिका के लोग भी स्वतः आगे आगे आए हैं और मंत्रियों तथा सांसदों ने अपने वेतन में एक साल तक 30 प्रतिशत की कटौती की है। मगर अब तक न्यायपालिका की ओर से कुछ नहीं किया गया है। जस्टिस अग्रवाल का कहना है कि कुछ उच्च न्यायपालिका के कार्यरत जज तीस प्रतिशत ना सही अपने वेतन से 10 प्रतिशत सेटिंग चेंज और 5 प्रतिशत रिटायर्ड जजों के पेंशन से एक साल तक कटौती करके सरकार को दिया जाना चाहिए इस संबंध में सरकार से अनुरोध करना चाहिए।

यह न्यायपालिका की ओर से एक छोटा सा सहयोग होगा ।इसी प्रकार से सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हर माह 50 हजार रुपए एक साल तक स्वेच्छा से सरकार को दें। वरिष्ठ अधिवक्ताओं से इस संबंध में बार एसोसिएशन के माध्यम से या व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर अनुरोध किया जाना चाहिए।
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