किसान के खेत पर में 133 केवी का विद्युत टावर लगाने के बाद किसान को मुआवजे का भुगतान नहीं करने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन में इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। जवाब नहीं देने पर
मुख्य महाप्रबंधक विद्युत निगम लखनऊ व जिलाधिकारी मिर्जापुर स्पष्टीकरण के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति डा वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मिर्जापुर के सिरासी घरवा गांव की कौशल्या देवी व दो अन्य की याचिका पर दिया है।
याचिका में कहा गया है कि याची के खेत में बिजली का टावर लगाया गया है।
याची ने आपत्ति की ।कोई सुनवाई न होने पर याचिका दायर की। कोर्ट ने डीएम को अर्जी तय करने का निर्देश दिया। डी एम ने अधिशाशी अभियंता को याची के मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया और,याची को भी काम में अवरोध उत्पन्न न करने का निर्देश दिया। मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया तो यह याचिका दायर की गई हैं।
याची अधिवक्ताका कहना है कि 15 अक्तूबर 15 की केन्द्र सरकार की गाइड लाइन है । जिसके तहत फसल व पेड़ के नुकसान का मुआवजा देने तथा भूमि की दर का 85 फीसदी कीमत अदा करने की व्यवस्था की गई है। छह सितंबर 18 को राज्य सरकार ने इसे लागू कर दिया है।इसके बावजूद मनमाने तौर पर मुआवजे का भुगतान नही किया गया है । और याची को परेशान किया जा रहा है। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया है और तीन दिन में जवाब मांगा है।