34 लोगों पर दर्ज कराई गई थी एफआईआर
विजिलेंस के सीओ बलधारी सिंह ने चयन समिति अध्यक्ष व आगरा केंद्रीय कारागार के तत्कालीन वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीश गौड़, जिला जेल अधीक्षक आरएन पांडे, जेलर वीरेंद्र कुमार गुप्ता, जिला अस्पताल एटा के डॉ. नरेंद्र कुमार यादव, डिप्टी जेलर प्रमोद कुमार पांडे, विक्रम यादव, हिमांशु कुमार, वीरेंद्र कुमार त्रिवेदी, सेंट्रल जेल के चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह व डॉ. अतुल सारस्वत समेत 34 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और साजिश की एफआईआर दर्ज कराई थी।
संयोग लता के खिलाफ आगरा की निचली अदालत ने तलबी आदेश जारी किया है। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। दलील दी कि वह नौकरी के लिए आवेदन के समय सरकारी सेवक नहीं थी, इसलिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई अनुचित है। याची ने हाईकोर्ट में बर्खास्तगी को भी चुनौती दे रखी है, जिस पर निर्णय आना बाकी है। इसके बाद अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण की कार्रवाई को रद्द करने का आदेश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी।