फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP : हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह पर लगाया 30 हजार हर्जाना, गलत तरीके से गुंडा एक्ट लगाने पर कोर्ट सख्त

Wed, 15 May 2024 01:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यूपी के प्रमुख सचिव गृह पर 30 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। यह कार्रवाई गलत तरीके से गुंडा एक्ट लगाने के मामले में की है। मामला फिरोजाबाद जिले से जुड़ा है। 
विज्ञापन
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिवारिक और व्यावसायिक विवादों को लेकर दर्ज अपराधिक मामले के आधार पर एक ही परिवार के तीन लोगो पर गुंडा एक्ट की नोटिस जारी करने पर प्रमुख सचिव गृह पर तीस हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। हर्जाना राशि याचियों को दो हफ्ते के भीतर अदा करना होगा।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने याची राकेश वर्मा व अन्य की ओर गुंडा एक्ट के तहत जिलाधिकारी फिरोजाबाद की ओर से जारी नोटिस की वैधता को चुनौती देने वाले याचिका को स्वीकार करते हुए दिया।

मामला फिरोजाबाद का है। याची राकेश वर्मा और राजेश वर्मा सगे भाई है जबकि तीसरा याची राकेश वर्मा का बेटा सोनू उर्फ अभिषेक है। इनके खिलाफ पैतृक सम्पत्ति को लेकर उपजे विवाद में हुई आपसी मारपीट का दोतरफा मुकदमा दर्ज हुआ था जबकि दूसरा मुकदमा व्यावसायिक लेनदेन को लेकर हुआ है और तीसरी बीट पुलिस की रिपोर्ट स्थानीय थाने पर दर्ज है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने रद्द किया डीएम का आदेश

इन्ही तीनों मामले के आधार पर आठ दिसंबर 2023 को जिलाधिकारी फिरोजाबाद ने तीनों परिजनों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही शुरू करते हुए नोटिस जारी किया था। जिसके खिलाफ याचियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

याची के अधिवक्ता दीपक कुमार पांडेय का तर्क था कि गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही उन आदतन अपराधियों के खिलाफ की जाती है, जो लोकशान्ति के लिए खतरा बना जाए। मौजूदा मामले व्यक्तिगत विवादों के जुड़े हैं।

कोर्ट ने जिलाधिकारी फिरोजाबाद की ओर से गुंडा एक्ट के तहत जारी नोटिस को रद्द करते हुए प्रमुख सचिव गृह पर तीस हजार रुपए का हर्जाना लगा दिया। कोर्ट ने हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार को आदेश के अनुपालन के लिए आदेश की प्रति प्रमुख सचिव गृह और जिलाधिकारी फिरोजाबाद को एक हफ्ते के भीतर प्रेषित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें