मामले में चयन समिति के समक्ष आवेदन देने वाले सात लोगों में से केवल दो लोगों ने ही साक्षात्कार दिया और चयन समिति ने दो लोगों की नियुक्ति की संस्तुति की। किंतु नियुक्ति अनुमोदन के लिए तीन नाम भेज दिए गए। इसके कारण चयनित का अनुमोदन करने से इंकार कर दिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गलत संस्तुति के खिलाफ कोर्ट की टिप्पणी पर ध्यान दिए बगैर वही गलती दुबारा कर याची को दुबारा कोर्ट आने को विवश करने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हमीरपुर पर दस हजार रुपये हर्जाना लगाया है। साथ ही दो हफ्ते में हर्जाने का याची को भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने महेंद्र पालीवाल की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
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मामले में चयन समिति के समक्ष आवेदन देने वाले सात लोगों में से केवल दो लोगों ने ही साक्षात्कार दिया और चयन समिति ने दो लोगों की नियुक्ति की संस्तुति की। किंतु नियुक्ति अनुमोदन के लिए तीन नाम भेज दिए गए। इसके कारण चयनित का अनुमोदन करने से इंकार कर दिया गया।
इस पर याचिका दायर हुई। कोर्ट ने प्रकरण बीएसए को यह कहते हुए नए सिरे से संस्तुति के लिए वापस कर दिया, कि जब दो लोगों ने साक्षात्कार दिया तो तीन नाम भेजना सही नहीं है। इसके बावजूद बीएसए ने फिर से तीन नाम भेजे। इसपर दुबारा याचिका दायर कर चुनौती दी गई थी। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया।