यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार तथा न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की खंडपीठ ने थाना बर्रा कानपुर नगर के विशाल वर्मा की अपील पर दाखिल अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है। सत्र अदालत ने आरोपी व्यक्ति पर आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। याची ने हाईकोर्ट के समक्ष अपील दाखिल की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति की लड़की से सात साल तक संबंध बनाए रखने के बाद शादी से इंकार करने तथा रेप के आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। साथ ही जुर्माना राशि का आधा हिस्सा कोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार तथा न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की खंडपीठ ने थाना बर्रा कानपुर नगर के विशाल वर्मा की अपील पर दाखिल अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है। सत्र अदालत ने आरोपी व्यक्ति पर आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। याची ने हाईकोर्ट के समक्ष अपील दाखिल की है।
याची अधिवक्ता का कहना है कि आरोपी और पीड़िता के बीच पिछले सात साल से संबंध है। शादी नहीं करने पर उसने अनुसूचित जाति का फायदा उठाकर रेप का आरोप लगाया है। पीड़िता बालिग है। आपसी सहमति से संबंध बनाए गए हैं। कोई अपराध नहीं किया गया है। सह अभियुक्त मां की जमानत पर है। कोर्ट ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है।