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हाईकोर्ट : फर्जी मसौदा दिखाकर भुगतान मांगने पर कार्यदायी संस्था पर 11 लाख का हर्जाना

Wed, 22 Dec 2021 01:43 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

याची कार्यदायी संस्था का आरोप है कि उसने संविदा के आधार पर प्रतिवादी कंपनी में काम कराया, लेकिन कंपनी द्वारा कराए गए कार्य का भुगतान नहीं किया गया। कंपनी ने मामले के निपटारे के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति की मांग की थी।
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Allahabad High Court - फोटो : social media
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विस्तार
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फर्जी मसौदा कोर्ट में पेश कर मध्यस्थ की नियुक्ति की मांग करना कार्यदायी संस्था को भारी पड़ गया। कार्यदायी संस्था के फर्जीवाड़े की हकीकत सामने आने पर कोर्ट ने संस्था पर 11 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना याची को एक महीने के भीतर कार्यदायी संस्था को देना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की एकल खंडपीठ ने मनीष इंजीनियरिंग इंटरप्राइजेज की याचिका पर सुनवाई कर दिया है। मामले में इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) को प्रतिवादी बनाया गया है।

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याची कार्यदायी संस्था का आरोप है कि उसने संविदा के आधार पर प्रतिवादी कंपनी में काम कराया, लेकिन कंपनी द्वारा कराए गए कार्य का भुगतान नहीं किया गया। कंपनी ने मामले के निपटारे के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति की मांग की थी। लेकिन, प्रतिवादी कंपनी के वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील गुप्ता और सुष्मिता मुखर्जी ने तर्क दिया कि कार्यदायी संस्था की ओर से मसौदे का जो पत्र प्रस्तुत किया गया है वह जाली व फर्जी है। क्योंकि, कंपनी और कार्यदायी संस्था की ओर से ऐसा कोई मसौदा तय नहीं हुआ था और प्रतिवादी केपास ऐसा कोई मसौदा मौजूद नहीं है।

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तर्क दिया गया याची संस्था वर्ष 1985 में काम करने की बात कह रही है, जबकि हकीकत में ऐसा कोई काम कराया ही नहीं गया। कार्यदायी संस्था ने वर्ष 2004 में दावा किया है, जो कि  आवेदन की समय सीमा से बाहर है। कोर्ट ने भी पाया कि कार्यदायी संस्था द्वारा किए जा रहे दावे का कोई ठोस आधार नहीं है।
 
कोर्ट ने इसे मध्यस्थता माफिया की श्रेणी में माना। कहा कि कार्यदायी संस्था पहले भी ऐसा कई मामलों में कर चुकी है। कोर्ट ने याची के दावे को डेडवुड (बेकार), प्रथमदृष्टया गुणहीन, तुच्छ और बेइमानी युक्त बताया। कहा कि याचिका मध्यस्थता अधिनियम की धारा 11 के तहत पोषणीय नहीं है। कार्यदायी संस्था इस फर्जीवाड़े के लिए प्रतिवादी इफको को 11 लाख रुपये हर्जाने का भुगतान एक महीने के भीतर करे।
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