हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग में कार्यरत कांस्टेबल लक्ष्मी सिंह के स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए नियमित वेतन भुगतान करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया स्थानांतरण आदेश को दुर्भावनापूर्ण मानते हुए आबकारी विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले हाईकोर्ट के आदेश पर आबकारी आयुक्त प्रयागराज आदर्श सिंह उपस्थित हुए और हलफनामा प्रस्तुत किया। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की कोर्ट मामले की सुनवाई कर रही है। अधिवक्ता विभू राय ने याची लक्ष्मी सिंह का पक्ष रखा।
मामले में लक्ष्मी सिंह का वाराणसी से कौशाम्बी स्थानांतरण कर दिया गया। इसके विरोध में लक्ष्मी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने 8 जुलाई 2024 को याची को आबकारी आयुक्त को प्रत्यावेदन देने का निर्देश दिया था। विभाग ने प्रत्यावेदन खारिज कर दिया। कोर्ट ने इसे दुर्भावनापूर्ण मानते हुए स्पष्टीकरण के लिए आबकारी आयुक्त को 23 अगस्त को रिकॉर्ड के साथ तलब किया था।
आबकारी आयुक्त ने कोर्ट को बताया कि पूर्व में भी कई बार याची के विरुद्ध कार्रवाई हो चुकी है। इस आधार पर उसे आरोप पत्र जारी किया गया है। कोर्ट ने कहा कि डिस्पैच रजिस्टर देखने से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि याची की ओर से लगाए गए आरोप गलत नहीं है। कार्रवाई के पीछे दूषित भावना प्रतीत हो रही है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि आरोप पत्र याचिका की विषय वस्तु नहीं है। याची इसे अलग से चुनौती दे सकती है। कोर्ट ने आयुक्त को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी है। कोर्ट ने याची के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए नियमित वेतन भुगतान का आदेश दिया है।