आदेश पारित करते समय अपनी सीमा में रहें अधिकारी
कोर्ट ने आगे कहा कि न्यायिक आदेश पारित करते वक्त न्यायिक अधिकारी को अपनी सीमाओं में रहना चाहिए। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि न्यायिक आदेश जनहित में पारित होते हैं। इससे जनता में गलत संदेश नहीं जाना चाहिए।
एकल पीठ ने अपने आदेश में वर्ष 2010 के बरेली दंगे को लेकर पांच मार्च, 2023 को बरेली के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दिवाकर की ओर से की गई टिप्पणी का भी उल्लेख किया। न्यायाधीश दिवाकर ने अपने आदेश में कहा था कि यदि कोई धार्मिक व्यक्ति सत्ता की सीट पर बैठता है। कभी दंगा भड़काने वाले मास्टर माइंड को सजा हुई। बतौर उदाहरण उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हवाला दिया था।