यूट्यूब पर धर्म विशेष पर आपत्तिजनक वीडियो बनाने वाली हीर खान का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। पता चला है कि जिस कट्टरवादी गुट से वह जुड़ी थी, उसमें पाकिस्तान से वीडियो आते थे। इन्हीं वीडियो को देखकर हीर तथा उसके साथी बौखला जाते थे और इंटरनेट पर अनाप-शनाप वीडियो अपलोड करते थे। हीर का कानपुर में रहने वाला साथी खुफिया एजेंसियों के रडार पर है। उसके सोशल मीडिया ग्रुप में न सिर्फ भारत के कई राज्यों बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेशी कट्टरपंथी भी जुड़े हैं। एजेंसियों को शक है कि वह स्लीपर सेल भी हो सकता है।
यूट्यूब का वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल होने के बाद हीर खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके पास से मिले वीडियो, साहित्य और धार्मिक कट्टरता वाले समूहों को देखते हुए पांच दिन की कस्टडी रिमांड दी गई। सोमवार को भी उससे एटीएस, आईबी, स्टेट इंटेलिजेंस और पुलिस के अधिकारी पूछताछ करते रहे। अब तक की जांच में पता चला कि उसके मोबाइल पर तमाम ऐसे वीडियो मिले हैं, जो पाकिस्तान से भेजे गए थे। अब पुलिस उसके पाकिस्तान कनेक्शन की जांच में जुटी है।
हालांकि, हीर का कहना है कि उसका कोई पाकिस्तानी दोस्त नहीं है। उसने इस बात को कुबूला है कि वीडियो देखकर दूसरे धर्मों के प्रति उसका गुस्सा बढ़ जाता था और वह वीडियो बनाकर कानपुर के रहने वाले अपने साथी को व्हाट्सएप पर भेज देती थी। कानपुर का युवक वीडियो को न सिर्फ अपलोड करता था, बल्कि तमाम कट्टरवादी समूहों में भेजता था। उसी दोस्त के माध्यम से ही हीर देश भर के कट्टरपंथी सोच के युवकों से जुड़ गई थी। जांच करने वाले अधिकारियों ने बताया कि कानपुर के युवक के बारे में खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं। यह भी हो सकता है कि वह स्लीपर सेल हो। फिलहाल उसके पासपोर्ट समेत तमाम बातों को खंगाला जा रहा है।
पुलिस को मां के दावों पर यकीन नहीं
हीर की मां ने दावा किया था कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक उसके रिश्तेदार हैं। हीर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की फैन है। वह सभी धर्मों को मानती है। जांच में जुटे अधिकारियों को हीर की मां के दावों पर यकीन नहीं है। उनका कहना है कि हो सकता है कि यह सब बातें हीर को बचाने के लिए की जा रही हों।