पांच महिलाओं ने वाराणसी की जिला अदालत में बीते वर्ष वाद दाखिल कर शृंगार गौरी की पूजा-अर्चना किए जाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की सुनवाई वाराणसी के जिला जज की कोर्ट में चल रही है। मुस्लिम पक्ष की आपत्ति पर महीनों चली सुनवाई के बाद जिला जज की कोर्ट ने अगस्त में अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था।
जिला जज एके विश्वेश की कोर्ट ने 12 सितंबर को फैसला सुनाते हुए मुस्लिम पक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए राखी सिंह केस को जारी रखने की इजाजत दी थी। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुस्लिम पक्ष ने एक बार फिर दोहराया है कि1991 के ‘प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट’ के तहत इस मामले की सुनवाई नहीं की जा सकती है।
अर्जी में हाईकोर्ट का फैसला आने तक वाराणसी की अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाए जाने की भी मांग की गई है। ज्ञानवापी विवाद से जुड़े पांच मामले पहले से ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित हैं। हालांकि राखी सिंह का केस पहली बार हाईकोर्ट आया है।