संघ का कुटुंब प्रबोधन पर जोर
बीते कुछ समय से संघ का कुटुंब प्रबोधन पर जोर है। संघ परिवार का मानना है कि भारतीय संस्कृति में संयुक्त परिवार की परंपरा रही है। लेकिन, वर्तमान दौर में हिंदुओं में तेजी से हो रहे विघटन की वजह से कोरोना काल में संघ की ओर से लगातार कुटुंब शाखाएं आयोजित की गईं। आगे विस्तार के मुद्दे को भी संघ की कार्यकारी बैठक में रखा जाएगा।
उठ सकता है हिंदुओं पर हमले का मुद्दा
कार्यकारी मंडल की बैठक में राजस्थान के उदयपुर और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर की गई हिंसा का मुद्दा भी उठ सकता है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संघ के स्वयंसेवकों की भूमिका पर केंद्रीय पदाधिकारियों ने लंबी चर्चा की। संघ मानता है कि ऐसी घटनाओं के मूल में पूरा समाज नहीं होता। मुस्लिम समाज के लोग भी ऐसी घटनाओं का विरोध करते हैं। उन्हें साथ लेकर सकारात्मक वातावरण बनाने की जरूरत है।