गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी की सजा पर रोक के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। तीन घंटे चली सुनवाई के दौरान अफजाल के वकीलों ने पक्ष रखा। अब 20 मई को अभियोजन और कृष्णानंद राय के परिजनों के वकील बहस करेंगे। सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत में हो रही है।
अफजाल अंसारी के वकील गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी और दयाशंकर मिश्रा ने उन्हें बेगुनाह बताया। कहा, पांच बार के विधायक और दो बार सांसद चुने गए अफजाल के पुरखों ने आजादी की लड़ाई लड़ी और अब उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार बनाया जा रहा है।
कहा गया कि षड्यंत्र के तहत पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के कई साल बाद उनके खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया। गवाहों के बयानों से भी साफ है कि हत्या के मामले से अफजाल का कोई रिश्ता नहीं है।
यह है मामलाभाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड को लेकर गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया गया था। गाजीपुर की एमपी एमएलए की विशेष अदालत ने 29 अप्रैल 2023 को उन्हें दोषी करार देते हुए चार साल की कैद और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी।
सजा के खिलाफ अफजाल अंसारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाइकोर्ट ने फौरी राहत देते हुए उन्हें जमानत तो दी थी, लेकिन सजा पर रोक नहीं लगाई थी। इसके कारण उनकी संसद सदस्यता भी समाप्त हो गई थी।
इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए अफजाल अंसारी को मिली सजा पर रोक लगाते हुए हाईकोर्ट में लंबित अपील को 30 जून तक निस्तारित करने का आदेश दिया था।
इसके तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ अफजाल की ओर से दाखिल सजा पर रोक और राज्य सरकार और कृष्णानंद राय के परिवार की ओर से सजा बढ़ाए जाने की अपीलों पर एक साथ सुनवाई कर रही है।
फिलहाल राजनीतिक संकट टला
सांसद अफजाल अंसारी गाजीपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। एमपी एमएलए कोर्ट से मिली सजा उनके राजनीतिक सफर में रोड़ा बन सकती है। सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद सोमवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान उनके खिलाफ कोई विपरीत आदेश पारित नहीं हुआ। इससे फिलहाल उनके चुनाव लड़ने को लेकर उपजा संकट टल गया है।