कुंडा के सहकारी समिति रहवई पर अधिक पैसा लेने पर नारेबाजी करते किसान। संवाद
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डीएपी को लेकर बुधवार को हर समिति पर हंगामा होता रहा। कहीं डीएपी पर बढ़ा कर पैसा लिए जाने पर तो कहीं खाद कम मिलने को लेकर। इस दौरान समितियों पर पुलिस भी तैनात रही लेकिन किसान डीएपी को लेकर काफी आवेशित दिख रहे थे। वह लगातार उग्र होकर खाद की बोरी देने की मांग कर रहे थे।
कुंडा क्षेत्र की सहकारी समितियों पर बुधवार की सुबह से ही हंगामा शुरू हो गया। सुबह आठ बजे से ही किसान समिति पर पहुंच गए। सभी को उनकी मांग के अनुरूप डीएपी की बोरियां चाहिएं थीं। हालांकि सचिवों ने इसके लिए पहले से ही रणनीति बना रखी थी। वह समिति पर खाद की उपलब्धता के आधार पर किसानों से उनका आधार कार्ड लेकर उन्हें खाद की बोरियां उपलब्ध कराने की बात कहते रहे।
कहीं दो बोरी खाद किसानों केा दी गई तो कहीं के किसानों को एक बोरी ही खाद पा सके। रहवई सहित कई समितियों पर 20 से 50 रुपये प्रति बोरी अधिक लिए जाने पर किसान शोर मचाते रहे। इस दौरान कुछ किसानों ने नारेबाजी भी की। करीब 10 बजे से खाद का वितरण शुरू किया गया। इसके बाद तो जैसे समितियों पर लूट मच गई। समितियों पर मौजूद पुलिस भी उन्हें रोक पाने में सक्षम नहीं हो पा रही थी। ताजपुर, पुराना कुंडा सहित कई समितियों पर हंगामेखेज स्थिति रही।
इन घटनाओं का कुछ कारण ईपास मशीन रही। कहीं पर अंगूठा नहीं लगा तो कहीं नेटवर्क की समस्या आड़े आती रही। उधर परियावां क्षेत्र में नौ समितियों में 360 बोरी प्रति समिति खाद पहुंची। मांग अधिक होने के कारण दिनभर समितियों पर भीड़ लग रही है। इस दौरान बुजुर्ग किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
लंबी लाइन लगाने के बाद भी सचिव के पास पहुंचने पर मशीन में उनका अंगूठा ही नहीं लग पा रहा था। इससे उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता विजय सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में सभी समितियों में डीएपी उपलब्ध है और वितरण कार्य भी सभी समितियों में चल रहा है ।