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फर्जी नेहरू की जमानत  खारिज, जार्जटाउन स्थित करोड़ों की संपत्ति का मामला

Sat, 07 Aug 2021 01:04 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जिला न्यायालय ने फर्जी नेहरू की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला जार्जटाउन क्षेत्र का अजय यशवंत नेहरू की करोड़ों की संपत्ति को हड़पने से संबंधित संबंधित है।
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prayagraj news : इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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जिला न्यायालय ने फर्जी नेहरू की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला जार्जटाउन क्षेत्र का अजय यशवंत नेहरू की करोड़ों की संपत्ति को हड़पने से संबंधित संबंधित है। हाईकोर्ट के आदेश पर संयुक्त निबंधक ने कैंट थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था। यह आदेश अपर सेशन जज कृष्ण कुमार ने आरोपित प्रेमचंद्र साहू उर्फ अजय यशवंत नेहरू की जमानत अर्जी पर उनके अधिवक्ता एवं एडीजीसी राज कुमार सिंह एवं बालकृष्ण मिश्र के तर्कों को सुन कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले की परिस्थितियों अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत का पर्याप्त आधार नहीं है। 
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अभियोजन पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपित वास्तविक रूप में प्रेमचंद साहू है और उसने जॉर्जटाउन स्थित अजय यशवंत नेहरू की संपत्ति को हड़पने के लिए खुद के अजय यशवंत नेहरू होने का दावा कर न्यायालय में पेश किया था। साथ ही इससे संबंधित कागजात दिए थे। आरोपित की ओर से तर्क दिया गया था कि वह 70 वर्षीय वृद्ध है तथा पार्किंसन रोग से पीड़ित है। उसके द्वारा कोई अपराध नहीं किया गया है। उसके विरुद्ध दीवानी का मामला बनता है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में परिवाद दाखिल होना चाहिए परंतु एफआईआर दर्ज करा दी गई है, जो गलत है।

यह रहा मामला
प्रयागराज के कैंट थाने पर हाईकोर्ट के संयुक्त निबंधक विनय श्रीवास्तव ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश दिनांक 24 मार्च 2021 में इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आरोपित प्रेमचंद साहू ने स्वयं को अजय यशवंत नेहरू होने का दावा कर इससे संबंधित जो साक्ष्य दिया, वह गलत है। अजय यशवंत नेहरू की प्रयागराज के हैमिल्टन रोड अमरनाथ झा मार्ग संपत्ति संख्या 52/38 को खुद की बता कर प्रस्तुत किया है, जो कि छल द्वारा ठगी किया जाना और कूट रचना तथा प्रतिरूपण का अपराध है।
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