कोरांव बाजार के पथरताल रोड पर झोलाछाप डाक्टरों ने किरण नाम की महिला का ऑपरेशन कर दिया। किरण को पेट दर्द की शिकायत थी। घरवालों ने उसे कोरांव के एक अस्पताल में में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के किरण की हालत बिगड़ने लगी तो अस्पताल संचालक उसे लेकर शहर भागे लेकिन यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टरों पर हत्या का आरोप लगाया है। तहरीर में किडनी समेत कई अंग निकालने के भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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रीवा के हनुमना गौतमान निवासी बैजनाथ की पत्नी किरण (35) को पेट दर्द था। रविवार की सुबह परिजनों ने पास के ही रहने वाले झोलाझाप आशीष पटेल को दिखाया। कोरांव के तरांव गांव का रहने वाला आशीष हनुमना में क्लीनिक चलाता है। किरण को दोपहर तक कोई आराम नहीं मिला और दर्द बढ़ता गया। उसकी सलाह पर परिजन किरण को कोरांव के हरिओम मेडिकेयर अस्पताल ले आए। अस्पताल में परिवार वालों से छह हजार रुपये जमा कराए गए। रात में ही किरण का ऑपरेशन किया गया।
झोलाछाप डॉक्टरों ने उसका पेट ज्यादा फाड़ दिया, जिससे रक्तस्राव होने लगा। जब किरण की हालत ज्यादा गंभीर हुई तो अस्पताल संचालक उसे लेकर शहर निकले। यहां डॉक्टरों ने किरण को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद झोलाछाप शव को प्राइवेट वाहन से उसके घर छोड़ आए। किरण का शव देखकर घर के लोग भड़क गए।
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उन्होंने झोलाछाप डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि किरण की किडनी समेत कई अंग निकाल लिए गए। उन्होंने कोरांव में किरण का शव रखकर चक्काजाम कर दिया। कोरांव थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर मिली है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत पर कुछ दिन के लिए बंद हुआ था अस्पताल
कोरांव। कोरांव के हरिओम मेडिकेयर के संचालकों के खिलाफ कुछ समय पहले सीएचसी अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से की गई थी। अस्पताल कुछ दिनों के लिए बंद भी हुआ था लेकिन बाद में फिर खोल दिया गया। बताते हैं कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी नहीं है।