बनाए जाएंगे 170 सब स्टेशन
अधिकारियों के मुताबिक, महाकुंभ मेले में सप्लाई के लिए कुल 85 बिजली घर बनाए जाएंगे। इसके अलावा 67 हजार पोल के साथ स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। प्रति बिजली घर में हाई क्षमता वाले दो ट्रांसफार्मरों की स्थापना होगी। इतना ही नहीं पूरे मेला क्षेत्र में 400 केवी के 170 बस स्टेशन बनाए जाएंगे, यहां से पूरे मेले में बिजली सप्लाई होगी। वहीं, अखाड़ों में दी जाने वाली विद्युत सप्लाई के ट्रांसफार्मर अलग होंगे, प्रति अखाड़े में 250 केवी के एक ट्रांसफार्म की व्यवस्था रहेगी।
पांच करोड़ यूनिट की पड़ेगी जरूरत
बीते माघ मेला में सोलर एनर्जी का ट्रायल किया जा चुका है। उसकी सफलता को देखते हुए 2025 में भी इसका इस्तेमाल करने की तैयारी है। अधिकारियों का अनुमान है कि इस मेले में तकरीबन पांच करोड़ यूनिट तक बिजली की जरूरत पड़ेगी। यही नहीं मेला के दौरान इस्तेमाल होने वाली बिजली का बिल भी 20 करोड़ रुपये तक या उससे भी अधिक हो सकता है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए सोलर एनर्जी का भी सहारा लिया जाएगा।
हीटर, ब्लोअर, गीजर रहेगी रोक
अधिकारियों ने बताया कि मेला क्षेत्र में दुकान लगाने वाले लोग हीटर, ब्लोअर, गीजर, प्रेस, फ्रीज का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मेले में सप्लाई के लिए 100 किलोवाट के 100 ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में बिजली सप्लाई के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 1700 किलोमीटर लंबी केबल बिछाई जाएगी। जिसमें 1400 किलोमीटर लंबी एलटी लाइन और 300 किलोमीटर लंबी एचटी लाइन केबल बिछाई जाएगी।
इस मेले में तकरीबन 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए 4.50 लाख कैंप को बिजली कनेक्शन देने का प्रोजेक्ट बनाया गया है। मेला क्षेत्र में एक अक्तूबर से काम शुरू हो जाएगा। - पीके सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत विभाग