prayagraj news : शवों के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां नाव से ले जाई गईं।
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बाढ़ प्रभावित इलाकों में शामिल दारागंज और रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार बंद है। सोमवार तक सड़क पर चिताएं लगाई गईं पर अब वहां भी पानी हिलोरे मार रहा है। बुधवार को दारागंज ढाल पर शाम के समय दो चिताएं लगीं, जिन पर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं शंकरघाट विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के लिए आने वालों की संख्या बढ़ गई है। बाढ़ के बाद दिन भर में यहां 20 अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं। सामान्य दिनों में यह संख्या छह से सात दर्ज होती रही है।
पूर्व पार्षद शिवसेवक सिंह, क्षेत्रीय पार्षद रंजन कुमार ने आरोप लगाया है कि दारागंज विद्युत शवदाह गृह बंद होने से लोग परेशान है। दारागंज, रसूलाबाद, फाफामऊ घाट लबालब हैं। सड़क तक पानी भरा है। ऐसे में दूर-दूर से लोग शंकरघाट विद्युत शवदाह गृह पहुंच रहे हैं। यहां बुधवार शाम चार बजे तक 14 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका था। चार लोग प्रतीक्षा में थे।
गंगा दर्शन मेंहदौरी की मुख्य सड़क पर पहुंचीं गंगा
तेलियरगंज स्थित मेंहदौरी की गंगा दर्शन कॉलोनी की मुख्य सड़क पर गंगा बहने लगी हैं। तेज धार से सड़क किनारे कटान भी शुरू हो गई है। क्षेत्रीय पार्षद मुकुंद तिवारी ने एसडीएम सदर और सिंचाई विभाग के अफसरों को इस बारे में जानकारी दी है। जलस्तर और बढ़ा तो सड़क तो खराब होगी ही लोगों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच सकता है। उन्होंने राहत के उपाय शुरू करने का अनुरोध किया है।