कोरोना संक्रमण को देखते हुए यूपी बोर्ड की ओर से पहली बार छात्र-छात्राओं को बोर्ड सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर वाले अंकपत्र-प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं। डिजिटल प्रमाण पत्र स्कूल के प्रधानाचार्य यूपी बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड करके अपने हस्ताक्षर करके छात्रों को वितरित कर रहे हैं। बुधवार को यूपी बोर्ड की ओर से प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों के माध्यम से अंकपत्र-प्रमाण पत्र उनकी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए।
यूपी बोर्ड की ओर से अंकपत्र-प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को शहर के कई स्कूलों में वेबसाइट से छात्रों के अंकपत्र-प्रमाण पर डाउनलोड करने के बाद छात्रों को वितरित किया गया। केपी इंटर कॉलेज, बीबीएस इंटर कॉलेज शिवकुटी सहित दूसरे कई अन्य विद्यालयों में अंकपत्र-प्रमाण पत्र डाउनलोड करके छात्रों को सम्मान पूर्वक दिए गए।
केपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. योगेंद्र सिंह ने यूपी बोर्ड से छात्रों के टेबुलेशन शीट भी वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग की है, जिससे छात्रों के अंकों का सत्यापन किया जा सके।
शहर के ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य युगल किशोर मिश्र ने बताया कि एक साथ पूरे प्रदेश में अंकपत्र प्रमाण पत्र डाउनलोड करने से वेबसाइट धीमे चलने पहले दिन अंकपत्र-प्रमाण पत्र डाउनलोड नहीं हो सके। बीबीएस इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या रजनी शर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में कुछ बच्चों के प्रमाण पत्र डाउनलोड करके उन्हें वितरित किया गया।
प्रवेश सहित हर जगह कर सकेंगे उपयोग
यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौरान अंकपत्र-प्रमाण पत्र छपवाने में परेशानी के चलते बोर्ड ने छात्रों के हित में डिजिटल प्रमाण पत्र जारी करने का फैसला किया। बोर्ड सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर वाले अंकपत्र-प्रमाण पत्र को वेबसाइट से डाउनलोड करने के बाद प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर से छात्रों को दिया जा रहा है। यह अंकपत्र-प्रमाण पत्र किसी भी संस्थान में प्रवेश में मूल प्रमाण पत्र जैसे वैध माना जाएगा। उन्होंने बताया कि कोरोना की स्थिति में नियंत्रण के बाद बोर्ड मूल अंकपत्र-प्रमाण पत्र छपवा कर स्कूलों के माध्यम से छात्रों को भेजेगा।