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पश्चिम बंगाल की तर्ज पर यूपी में भी रामलीला कमेटियों को आर्थिक मदद दिलाने का डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने दिया भरोसा

Sun, 12 Sep 2021 11:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अधिवेशन का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दीप जलाकर किया। अधिवेशन में रामलीला महासंघ के अध्यक्ष फूलचंद दुबे ने कहा कि मथुरा, वृंदावन की तर्ज पर प्रयागराज को भी मांस -मदिरा मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए।
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Prayagraj News : रामलीला कमेटी की बैठक में मौजूद डिप्टी सीएम केशव मौर्य और वासुदेवानंद सरस्वती। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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रामलीला महासंघ के प्रथम अधिवेशन में रविवार को डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने संस्कृति की रक्षा और संस्कार के लिए भगवान राम के आदर्शों की लीला को उपयोगी बताया। इस अधिवेशन में महासंघ की ओर से प्रयागराज को मांस-मदिरा मुक्त क्षेत्र घोषित करने, लीला कमेटियों को अर्थिक मदद दिलाने, राम वन गमन मार्ग को पर भगवान की विश्राम स्थलियों को चिह्नित करने समेत कई मुद्दे उठाए गए।  यह अधिवेशन अलोपीबाग स्थित बैकुंठ धाम आश्रम के सभागार में किया गया।

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अधिवेशन का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दीप जलाकर किया। अधिवेशन में रामलीला महासंघ के अध्यक्ष फूलचंद दुबे ने कहा कि मथुरा, वृंदावन की तर्ज पर प्रयागराज को भी मांस -मदिरा मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए। संगम को विश्व धरोहर घोषित करने,राम वन गमन मार्ग से भगवान राम की विश्राम स्थलियों को जोड़ने के अलावा गांव-गांव रामलीला कमेटियों का गठन कराने और उन्हें शासकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवाज उठाई। ताकि, भारतीय संस्कृति और परंपरा की जड़ें और मजबूत हो सकें। डिप्टी सीएम ने आने वाले दिनों में सभी मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया।

 

उन्होंने कहा कि जिस तरह शृंगवेरपुर धाम का विकास किया जा रहा है, प्रयागराज का विकास भी उसी पैटर्न पर किया जाएगा। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि रामलीला महासंघ समय-समय पर अपने सुझाव शासन तक प्रेषित करता रहे, उस पर अमल किया जाएगा। इनके बाद स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल सरकार दुर्गा पूजा कमेटियों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, उसी तरह यहां रामलीला कमेटियों को भी मदद प्रदान की जानी चाहिए। अध्यक्षता कर रहे जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि रामलीला हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।

 

इसके संरक्षण पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इस मौके पर स्वामी श्रीधराचार्य, स्वामी घनश्यामाचार्य, महंत सारंगधर आचार्य, महासंघ के संरक्षक मधु चकहा, रामनरेश तिवारी पिंडीवासा, अवधेश गुप्ता, गणेश केसरवानी, डॉ बालकृष्ण पांडेय, डॉ. शंभू नाथ त्रिपाठी अंशुल, डॉ अरविंद सिंहए, जितेंद्र तिवारी के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ बीके सिंह, पूर्व विधायक दीपक पटेल, पार्षद कमलेश सिंह उपस्थित थे। महासंघ के महामंत्री राजेंद्र पालीवाल ने अंत में आभार जताया।

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