फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोनों से मृत केंद्रीय कर्मियों के आश्रितों को नौकरी के लिए करना होगा वर्षों इंतजार

Wed, 18 Aug 2021 08:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोविड संक्रमण से मृत केंद्रीय कर्मियों के आश्रितों को नौकरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पांच प्रतिशत की सीलिंग की वजह से अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की पहले से ही लंबी सूची है।
विज्ञापन
job - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोविड संक्रमण से मृत केंद्रीय कर्मियों के आश्रितों को नौकरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पांच प्रतिशत की सीलिंग की वजह से अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की पहले से ही लंबी सूची है। इसे देखते हुए कोविड संक्रमण से जान गंवाने वाले कर्मचारियों के पाल्यों को सीलिंग से बाहर जाकर तत्काल नौकरी दिए जाने की मांग मुखर होने लगी है लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
विज्ञापन


कोविड संक्रमित होने की वजह से सैकड़ों कर्मचारियों का निधन हो गया। प्रदेश सरकार ने ऐसे कर्मचारियों के आश्रित को तत्काल नौकरी दिए जाने का आदेश दिया था। ऐसे में प्रदेश के विभागों में कार्यरत ज्यादातर कर्मचारियों के पाल्यों को नौकरी मिल चुकी है या प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके विपरीत केंद्रीय कर्मियों के पाल्य इससे वंचित है। एजी ऑफिस में ही पूरे देश में सवा सौ से अधिक कर्मचारियों की कोविड की वजह से मौत हो चुकी है। इ

नमें प्रयागराज में ही 10 से अधिक अफसरों एवं कर्मचारियों का निधन हो चुका है। आयकर समेत अन्य विभागों में 100--100 से अधिक अफसरों तथा कर्मचारियों का कोविड की वजह से निधन हो चुका है लेकिन केंद्रीय कार्यालय में अनुकंपा आधारित भर्ती के लिए पांच प्रतिशत की सीलिंग है। इसकी वजह से कोविड से जान गंवाने वाले कर्मचारियों के पाल्यों को नौकरी नहीं मिल पाई है। इसे लेकर कंफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट इंप्लाइज एंड वर्कर्स, आल इंडिया ऑडिट एंड अकाउंट एसोसिएशन समेत अन्य संगठनों की ओर से सीलिंग के बाहर जाकर नौकरी देने की मांग मुखर होने लगी है।
विज्ञापन


कंफेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय का कहना है कि इनकी कर्मचारियों की आपदा से मौत हुई है। इसलिए इनके पाल्यों की नियुक्ति को सीलिंग से बाहर रखा जाना चाहिए। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्र का कहना है कि अलग-अलग माध्यमों से सरकार तक यह मांग पहुंचाई गई है लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक रूख सामने नहीं आया है। दोनों नेताओं ने इस मांग को लेकर आंदोलन की बात भी कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें