यमुनापार के औद्योगिक क्षेत्र में गत 20 दिसंबर को चटकाना के ग्राम प्रधान विजय तिवारी और प्रापर्टी डीलर संतोष सिंह उर्फ संतू के बीच जमीन के विवाद को लेकर खूनी खेल हुआ था। दोनों गुटों के बीच हुए टकराव में विजय तिवारी और संतोष की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से हत्या का मुकदमा औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज हुआ था। हत्याकांड में विजय गुट के नामजद दो आरोपियों सुरेश तिवारी उर्फ सूरज तिवारी उर्फ बोस तिवारी और सुनील तिवारी निवासी नारायणपुर बसही करछना को शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना में संतोष के भाई पिंटू सिंह की लूटी गई लाइसेंसी बंदूक भी बरामद कर ली गई। अब तक इस मामले में एक पक्ष से चार और दूसरे पक्ष से एक आरोपी पिंटू सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि डबल मर्डर में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय, सिपाही जुल्कर नैन, पवन सिंह, अभय सिंह, अवनीश कुमार, संजय सिंह, राजेश कुमार, पंकज गिरी और एसओ औद्योगिक क्षेत्र पंकज सिंह सड़वा मोड़ के पास मौजूद थे। तभी सूचना मिली की सुरेश तिवारी उर्फ बोस तिवारी और सुनील तिवारी स्कार्पियों से करछना की ओर जा रहे हैं। दोनों सरपतहीया मोड़ के पास घेरेबंदी कर दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद रींवा, चित्रकूट, हरिद्वार में छिपकर रहा। फिल्मों में विलेन के नाम क ा अक्सर बोस होता था। इस पर पिता ने उसका बोस रखा था। उसके खिलाफ रीवा, मुंबई में धोखाधड़ी, हत्या समेत मुकदमे हैं। अब तक इस मामले में देवेश तिवारी, राजू चौबे, अरुण पांडेय और दीपक पांडेय और दूसरी तरफ से कुंवर सिंह, अतुल मिश्र, दिलीप मिश्र, शिवशंकर और अनूप सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई। एसओ औद्योगिक क्षेत्र पंकज सिंह ने बताया कि अतुल मिश्र घटना वाले दिन वाराणसी में था। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी है।