शहर में चौफटका के समीप नेहरू पार्क को जाने वाली रोड पर स्थित मंदिर के पुजारी का शव शुक्रवार दोपहर उनके कमरे में पड़ा मिला। शव के आसपास खून फैला था। चेहरे और शरीर पर गहरे जख्म थे। शव को देखकर आशंका है कि कई दिन पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। आसपास के लोगों ने पुजारी की हत्या का शक जताते हुए हंगामा किया। खबर पाकर पहुंची कैंट पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चौफटका के पास नेहरू पार्क जाने वाली रोड पर दाहिने तरफ एक पुराना मंदिर है। मंदिर के पुजारी कानपुर के ब्रह्मचारी राजकमल (55) कई वर्षों से रहकर पूजा-पाठ करते थे। मंदिर परिसर में पंचवटी नामक आश्रम बना लिया था। उसी के बगल स्थित कमरे में पुजारी रहते थे। शुक्रवार दोपहर आसपास के लोग मंदिर पूजा करने पहुंचे तो बगल के कमरे से भीषण दुर्गंध महसूस हुई। मंदिर के पुजारी भी नजर नहीं आए तो मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। तब कैंट और धूमनगंज पुलिस पहुंची।
अंदर कमरे में बाबा का खून से लथपथ शव पड़ा था। कपड़े अस्त-व्यस्त थे। चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे जख्म के निशान थे। दुर्गंध और शव की हालत को देखकर अनुमान लगाया गया कि पुजारी की मौत लगभग दो दिन पहले हुई है। पुजारी के हत्या की आशंका पर लोग हंगामा करने लगे। कैंट एसओ ब्रजेश द्विवेदी ने आश्वासन दिया कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
पंचवटी आश्रम के बाबा ब्रह्मचारी राजकमल ने मंदिर के आसपास धूमनगंज इलाके में अपनी होर्डिंग लगवाई थी। इस बात को लेकर लोगों में चर्चा थी कि बाबा भी आने वाले चुनाव में हाथ आजमा सकते हैं, लेकिन इस बारे में कैंट थाने के एसआई पवन कुमार ने बताया कि बाबा अक्सर मंदिर के पास स्मैकियों के जमावड़े की शिकायत करते थे। तब बाबा से चुनाव लड़ने के बारे में बात की थी तो उन्होंने कहा कि सब लगवाते हैं इसलिए होर्डिंग लगवा दी है।