यमुनापार के मांडा में लापता छठवीं के छात्र सोनू (11) की हत्या की खबर सुनकर शुक्रवार दोपहर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने छात्र मांडा-कोरांव मार्ग पर रखकर जाम कर लगा दिया। पुलिस भीड़ को समझाने में लगी थी कि करीब तीन दर्जन लोग लाठी, डंडा और कटवासा लेकर मांडा थाने में घुस गए और जमकर बवाल काटा। पुलिस ने खदेड़ा तो उपद्रवी भागकर चक्काजाम की भीड़ में शामिल हो गए। पांच बजे पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। पत्थर लगने से एसपी यमुनापार एके राय, एडीएम प्रशासन महेंद्र राय, इंस्पेक्टर मांडा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाब में पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मौके पर तनाव के चलते भारी पुलिस बल तैनात है।
मांडा में गिरधरपुर गांव निवासी नेब्बू लाल सोनकर शादी-विवाह में लाउडस्पीकर, लाइटिंग का काम करता है। गुरुवार सुबह बेटे सोनू (11) को लेकर नेब्बू लाल गेरूआडीह गांव में तौलन तिवारी के यहां रामचरित मानस में लाउडस्पीकर और झालर लगाने गया था। यहां से नेब्बू लाल दूसरे काम के लिए घर लौट आया लेकिन बेटे सोनू को वहीं छोड़ दिया। इसके बाद से ही सोनू गायब हो गया। बेटे के गायब की सूचना पाकर नेब्बू लाल पहुंचा। काफी खोजबीन के बाद भी सोनू का कुछ पता नहीं चला तो शाम को वह बेटे की गुमशुदगी की तहरीर लेकर थाने गया। पुलिस ने रिपोर्ट लिखने की बजाय उसे थाने से भगा दिया। रातभर खोजबीन के बाद भी सोनू का कहीं पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह गेरूआडीह गांव में लोगों ने आशंका के चलते तालाब में गोताखोरों को उतारा। लोगाें का शक सही निकला। कुछ देर की मशक्कत के बाद सोनू का शव तालाब से निकला गया। सोनू की दोनों आंखों को किसी धारदार औजार से फोड़ दी गई थीं। बालक की हत्या से ग्रामीणोें का आक्रोश फूट पड़ा। भीड़ ने छात्र का शव मांडा-कोरांव मार्ग पर रखकर चक्काजाम कर दिया। खबर पाकर मांडा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसी बीच चक्काजाम में शामिल तीन दर्जन से अधिक लोग कटवासा, लाठी, डांडी और ईंट-पत्थर लेकर मांडा थाने में घुस गए। भीड़ ने थाने में घुस जमकर जमकर बवाल काटा । थाने में खड़े वाहनों, गमला, कुर्सी और सीसीटीवी में तोड़फोड़ की। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी जान बचाकर भाग निकले। बवाल की सूचना पर चक्काजाम स्थल से पुलिस पहुंची और लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ा। यहां से भागे उपद्रवी चक्काजाम में शामिल हो गए।
सूचना पर एसपी यमुनापार, सीओ मेजा भी फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस आक्रोशित लोगों को समझाती रही लेकिन बात नहीं बनी। चार घंटे तक जाम लगा रहा। शाम लगभग पांच पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीण भड़क गए। पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। सड़क पर काफी देर तक ग्रामीणों और पुलिस के बीच गोरिल्ला युद्ध चलता रहा। पथराव में एडीएम प्रशासन महेंद्र राय, एसपी यमुनापार अशोक कुमार राय, इंस्पेक्टर मांडा कृष्णबीर सिंह, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सहित कई दरोगा चोटिल हो गए। आखिरकार पुलिस ने हवाई फायरिंग कर शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तनाव को देखते हुए गांव में कई थानों की फोर्स तैनात है। वहीं ग्रामीणों भी आक्रोश व्याप्त है।
बेटे के लापता होने के बाद नेब्बू लाल शाम को गुमशुदगी की तहरीर लेकर मांडा थाने पहुंचा। पुलिस ने तहरीर पर रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई के बजाय उसे भगा दिया। शुक्रवार सुबह शव मिलने के बाद ग्रामीण भड़क गए। उनका आरोप था कि मांडा पुलिस तहरीर लेकर सक्रिय हो जाती तो सोनू की जान बच सकती थी। सोनू का शव मिलने के बाद पुलिस पहुंची तो हत्या को हादसा बताकर शव कब्जे में लेने का प्रयास किया। मांडा पुलिस का यह रवैया देख ग्रामीण भड़क गए।
चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों की मांग थी कि तत्काल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करे। शव मिलने के बाद पुलिस हत्या की बात से इंकार करती रही। पुलिस का कहना था कि छात्र की डूबने से मौत हुई। ग्रामीण यह सुनकर आक्रोशित हो गए कि पहले तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और अब शव मिलने के बाद हत्या को हादसा बताकर पल्ला झाड़ रही है।
सोनू की तालाब में डूबने से मौत हुई है। बेवजह मामले को तूल देकर उपद्रवियों ने बवाल काटा है। चक्काजाम और तोड़फोड़ में शामिल आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी।---अशोक कुमार राय, एसपी यमुनापार।