यमुनापार के जसरा बाजार में मंगलवार देर रात ट्रांसफार्मर से गिरी चिंगारी ने भारी तबाही मचा दी। आग ने बांस-बल्ली के टाल के साथ ही करीब के तीन कच्चे घर और तीन दुकान भी नष्ट कर दिए। कुछ और मकानों को नुकसान पहुंचा है। टाल में आग से पचास लाख का माल जलने की बात कही जा रही है। घर जलने से तीन गरीब परिवार भी बेघर हो गए। एक दर्जन से ज्यादा दमकल की गाड़ियों के साथ आसपास के लोग भी रात भर आग बुझाने मे जुटे रहे लेकिन भारी नुकसान हो गया। लोगों ने टाल से निकालकर बांस-बल्ली बांदा मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया था। एसडीएम से बिजली का खंभा हटाने और जर्जर तार बदलने का आश्वासन मिलने के बाद ही बुधवार दोपहर जाम खत्म किया गया।
जसरा बाजार में अवधलाल केसरवानी का बांस-बल्ली का टाल है। उनकी गिनती प्रमुख कारोबारियों में होती है। टाल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर उनका घर है। मंगलवार रात करीब दस बजे टाल के पीछे लगे ट्रांसफार्मर से चिंगारी गिरने पर टाल में लकड़ी में आग लग गई थी। पड़ोसी ने देखा तो आग बुझवा दी गई। मगर देर रात करीब एक बजे टाल में फिर आग भड़क उठी। तब तक पता चलता आग विकराल हो चुकी थी। आसपास के लोग जुटे और टाल मालिक अवधलाल को खबर दी। आग की विभीषिका को देखते हुए शहर और देहात के फायर स्टेशन से दमकल की 14 गाड़ियां पहुंच गईं। कई थानों की फोर्स के साथ सीओ करछना भी आ गए। भरसक कोशिश के बावजूद आग बुझने की बजाय बढ़ती गई।
टाल के बगल में अवधलाल के भाई शत्रुघ्न की प्लाई और सनमाईका का गोदाम, बाला पटवा का घर और चाय-पान की गुमटी, दुर्गा पटवा की इलेक्ट्रानिक्स की दुकान और कच्चा घर, बिजलेस पटवा का भी घर आग की चपेट में आ गया। पड़ोस में लालचंद्र केसरवानी का भी पक्का मकान लपटों की जद में आ गया। मकान तो बच गया लेकिन खिड़कियां जल गई और दीवार को क्षति पहुंची। आग की वजह से बिजली कट गई। लोगों ने टाल से कुछ बांस-बल्लियां निकालकर बांदा मार्ग पर रख दीं, जिससे जाम लग गया। बुधवार सुबह तक काफी मशक्कत के बाद आग बुझा ली गई लेकिन भारी नुकसान हो गया। अवधलाल की टाल में ही दस ट्रक माल जलने से 50 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है। बाकी नुकसान जोड़ने पर 65 लाख से ज्यादा का माल तबाह होने का अनुमान है।
सुबह लोगों ने आग पर काबू के बाद बांदा मार्ग से बल्लियां हटाने से मना कर दिया, जिससे सड़क पर दोनों तरफ जाम लग गया। एसडीएम बसंतलाल अग्रवाल ने लोगों की यह मांग जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया कि बिजला का खंभा हटाकर पीछे किया जाएगा, साथ ही तार भी बदले जाएंगे। इसके बाद करीब दो बजे लोग सड़क से हटे और बांस-बल्लियां हटाई गईं तब जाकर जाम समाप्त हुआ मगर इस हादसे से दिन भर अफरातफरी मची रही।