मेजा के लोटाढ़ गांव में एक राजगीर की करंट लगाकर नृशंस हत्या कर दी गई। वह दो दिन से लापता था। बुधवार की सुबह उसका शव मिलने से हड़कंप मच गया। हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने उरुवा चौराहे पर शव रखककर चक्का जाम कर दिया। करीब तीन घंटे समझाने बुझाने के बाद भीड़ तब मानी जब गांव के ही दबंग को हिरासत में ले लिया गया। दबंग ही राहगीर को बुलाकर ले गया था। गांव में तनाव बना हुआ है।
कोटहा गांव का संतोष भारतीया उर्फ दारा (26) स्व. सुदामा भारतीया राजगीर का काम करता था। 26 फरवरी को दारा अपने चाचा शंभूनाथ निर्माणाधीन मकान में काम कर घर लौट रहा था। तभी गांव के धरमपाल सिंह आए और उसे अपने साथ लेकर चले गए। रात में जब दारा घर नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरू कर दी गई। काफी प्रयास के बाद उसका कुछ भी पता नहीं चल सका तो परिजनों ने मंगलवार को मेजा थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई। बुधवार सुबह दारा का शव लोटाढ़ गांव में गेहूं के खेत में पड़ी मिली। शिनाख्त होने पर परिजन पहुंच गए। दारा के शव पर जगह जगह करंट से जलने के निशान थे। ऐसे लग रहा था कि उसे करंट से तड़पा तड़पाकर मारा गया था।
सूचना पर पुलिस पहुंच गई लेकिन ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। वे शव को उरुवा चौराहे पर ले गए और सड़क पर चक्का जाम कर दिया। धीरे धीरे बढ़ने लगी। भीड़ धरमपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की मांग कर रही थी। मामला बिगड़ने पर एसडीएम शिवानी सिंह, सीओ उमेश शर्मा और मेजा कोतवाली के कोतवाल प्रदीप मिश्र मौके पर पहुंचे। भीड़ का रुख देखते हुए इंस्पेक्टर ने चक्काजाम के दौरान ही आरोपी धरमपाल को हिरासत में लेकर तुरंत थाने भेज दिया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम को भेजा जा सका।
दारा की हत्या में नामजद धरमपाल सिंह को हिरासत में लेकर मेजा थाने ले जाया गया। पूछताछ में उनसे बताया कि दारा भारतीय राजगीर के काम के साथ-साथ उसका ट्रैक्टर भी चलाता था। 26 फरवरी की शाम वह उसे घर ले गया था। उसने दारा से शराब की तीन बोतलें भी मंगवाई। दारा ने भी साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद वह अपने घर चला गया। इसके बाद क्या हुआ वह नहीं जानता। सीओ उमेश शर्मा को परिजनों ने बताया कि पिता ने मांडा के खुरमा गौरैया गांव में जमीन खरीदा था। उसकी दाखिल खारिज आज तक नहीं हो सकी है। इस मामले को लेकर जमीन का विवाद चला आ रहा है। इस विवादित जमीन को गांव के ही कुछ लोग खरीदना चाह रहे थे। लेकिन दारा इस पर राजी नहीं हो रहा था। सीओ ने कहा कि इस एंगल की भी जांच हो रही है। यह भी पता चला है कि एक पट्टे की भूमि पर भी दारा को कब्जा नहीं मिल रहा है। इसको लेकर भी वह परेशान रहता था।
दारा भारतीया की हत्या की सूचना जैसे ही परिजनों को हुई वह भागते मौके पर पहुंच गए। पत्नी रेखा तीन साल के बेटे कृष्णा को बगल में बिठाकर लाश से चिपकर रोने लगी तो मासूम कृष्णा भी बिलखने लगा। एक साल की बेटी लक्ष्मी बेखबर खेलती रही। गांव में जिसने भी इस दृश्य को देखा उसकी आंखें भर आईं। एसडीएम शिवानी सिंह ने रेखा को सांत्वना दी और कहा कि मृतक दारा की पत्नी की हर संभव मदद की जाएगी।
--राजगीर की हत्या में नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी। दीपेंद्र चौधरी, एसपी यमुनापार