रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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घरवालों के झाड़-फूंक करने से रोकने से खिन्न अधेड़ ने शनिवार सुबह आत्मदाह कर लिया। घर में अकेले बुजुर्ग ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। वह काफी देर तक घर के अंदर ही तड़पता रहा और फिर दम तोड़ दिया। बुजुर्ग का मकान बस्ती से अलग है, इसलिए कोई उसकी चीख-पुकार नहीं सुन सका। लगभग दो घंटे बाद घरवाले पहुंचे तो वह जला हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मऊआइमा के बड़ौरा का गामा प्रसाद (55) पुत्र मंगरू झाड़-फूंक करता था। गामा के तीन बेटों में दो बाहर रहते हैं। जबकि छोटा बेटा घर पर ही रहता है। गामा के झाड़ फूंक करने को लेकर घरवाले मना करते थे। इस बात को लेकर अक्सर उसका पत्नी शांति देवी और बेटे से झगड़ा होता था। घरवालों के इस व्यवहार से वह काफी खिन्न रहता था। शनिवार को पत्नी और बेटी खेत में काम करने चली गईं। बेटा और बहू डॉक्टर के पास गए थे। घर में अकेले गामा प्रसाद ही था। उसने घर का चैनल अंदर से बंदकर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। मऊआइमा पुलिस का कहना है कि कलह से तंग आकर उसने आत्मदाह किया है।