दलित युवती का धर्म परिवर्तन कराकर उससे शादी रचाने का एक मामला बहरिया इलाके में गरमाया हुआ है। बहरिया थाने की पुलिस को इस बारे में सूचना दी गई मगर पुलिस ने किशोरी को बालिग बताकर कार्रवाई से इनकार कर दिया। अब खुद लड़की का पत्र प्रधान और परिजनों को मिला जिसमें जबरन धर्मांतरण कराकर शादी करने की बात लिखी है। मगर उसका पता नहीं चल सका। इसके बावजूद पुलिस की चुप्पी से लोगों में गुस्सा है।
सिकंदरा क्षेत्र से दलित परिवार की करीब 18 वर्षीय लड़की दस दिन पहले लापता हो गई। उसके पिता ने थाने जाकर आरोप लगाया कि गांव के ही अल्पसंख्यक बिरादरी के एक युवक ने उसका अपहरण किया और धमकी देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। मगर बहरिया पुलिस ने लड़की के परिजनों की मदद के बजाय यह कह कर टरका दिया कि उनकी बेटी बालिग है इसलिए उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती।
अपहरण और धर्मांतरण की शिकायत में पुलिस की उदासीनता से लोगों में भारी नाराजगी है। बुधवार को लापता दलित लड़की ने ग्राम प्रधान और अपने परिजनों के नाम पत्र भेजा जिसमें लिखा है कि उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर एक लड़के से शादी करा दी गई है। लापता लड़की के इस पत्र से हलचल बढ़ गई। परिजन यह जानने के लिए परेशान हैं कि उनकी बेटी कहां और किस हालत में है किशोरी कहां है। परिवार के लोगों का आरोप है कि उनकी बेटी को डरा-धमका कर धर्म परिवर्तन कराया गया है। मगर बहरिया थाने की पुलिस जाने किस दबाव में कार्रवाई करने से ही कतरा रही है।
‘दलित लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर शादी करा दी गई तो यह गंभीर मामला है। परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।’
-एमपी सलोनिया, सीओ फूलपुर