हाईकोर्ट ग्रुप डी की रविवार को आयोजित परीक्षा के दौरान परीक्षा पास कराने का ठेका लेने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने एक युवक को पकड़ लिया। वह कीडगंज में अपने भाई की जगह परीक्षा देने बैठा था तभी एसटीएफ ने दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। उसने पूछताछ में बताया कि उसने कुछ युवकों को अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देेने के लिए बैठाया है। छह-छह लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का ठेका लिया गया था। पुलिस तीन लोगों को खोज रही है।
एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट को रविवार सुबह खबर मिली कि परीक्षा पास कराने वाले रैकेट का एक सदस्य हाईकोर्ट ग्रुप डी की परीक्षा में अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने बैठेगा। इंस्पेक्टर अजय सिंह और अतुल सिंह ने कीडगंज में कन्हैयालाल विद्या मंदिर स्थित परीक्षा केंद्र जाकर फर्जी अभ्यर्थी राकेश कुमार को पकड़ लिया। वह दुर्गेश कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था। बांदा जनपद के राकेश कुमार ने बताया कि दुर्गेश उसका भाई है। एसटीएफ को तलाशी में उसके पास दुर्गेश का प्रवेश पत्र और 25 हजार रुपये का चेक मिला। प्रवेश पत्र में तस्वीर दुर्गेश की बजाय राकेश की लगी थी।
चेक के बारे में पूछने पर पहले तो राकेश ने गोलमोल जवाब दिया लेकिन सख्ती की गई तो उसने कुबूला कि वह परीक्षा पास कराने का ठेका लेने वाले रैकेट से जुड़ा है। बताया कि 25 हजार रुपये का यह चेक नैनी में श्रीमती डी सिंह परीक्षा केंद्र के अभ्यर्थी श्याम सिंह की तरफ से मेजा के आशुतोष पाल ने बतौर पेशगी दी। श्याम की जगह चित्रकूट से सिद्धार्थ को परीक्षा देने के लिए भेजा गया है। हालांकि केंद्र में पुलिस को सिद्धार्थ नहीं मिला। कीडगंज थानाध्यक्ष पंकज सिंह के मुताबिक, राकेश ने बताया कि मेजा के चिलबिला में कंप्यूटर सेंटर चलाने वाला राहुल पटेल रैकेट का मुख्य सदस्य है। वह ऑनलाइन आधार कार्ड बनाने का काम करता है। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, चित्रकूट समेत कई जिलों में परीक्षार्थियों से परीक्षा पास कराने का ठेका लेने के बाद उनकी जगह बैठने वाले युवकों का इंतजाम किया जाता है। पुलिस राहुल पटेल, आशुतोष और सिद्धार्थ की तलाश में छापे मार रही है।