म्योराबाद में रहने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी मुरलीधर दुबे को घरेलू नौकर मुहैया कराने का झांसा देकर एक ऑनलाइन फर्म ने उनसे रकम हड़प ली। घरेलू नौकर के लिए इस फर्म के खाते में उनसे साढ़े सात हजार रुपये जमा कराए गए थे। कुछ दिन टालमटोल के बाद कंपनी की अधिकारी ने फोन रिसीव करना भी बंद कर दिया। शनिवार को पूर्व आईएएस अफसर की ओर से कैंट थाने में वेब पोर्टल, नौकर मुहैया कराने वाली फर्म और महिला अधिकारी के खिलाफ केस लिखा गया।
गोंडा के कमिश्नर पद से रिटायर हुए मुरलीधर दुबे इलाहाबाद में एडीएम सिटी और लोकसेवा आयोग में सचिव पद पर रहे हैं। वह परिवार सहित शहर के म्योराबाद कमला नगर में रहते हैं। घरेलू नौकर की जरूरत की वजह से उन्होंने 23 दिसंबर को गूगल पर क्विकर डॉट कॉम वेब पोर्टल पर इलाहाबाद डोमेस्टिक मेड सर्विसेज अशोक नगर की साइट पर क्लिक किया। उनसे मोबाइल नंबर तथा ई-मेल मांगा गया। फिर उन्हें एक नंबर दिया जिस पर फोन करने पर एक महिला ने अपना नाम कविता और खुद को मुंबई में फर्म की अधिकारी बताया।
उसने ई-मेल भेजकर मुरलीधर से एचडीएफसी के नालासोपाड़ा, मुंबई शाखा के खाते में साढ़े सात हजार रुपये जमा करने को कहा। उन्होंने चेक के जरिए उस खाते में रकम जमा कर दी। कविता ने फोन पर उन्हें पैसे खाते में आने की जानकारी दी और कहा कि कुछ दिन में उन्हें घरेलू नौकर मिल जाएगा। लेकिन कई रोज बीतने के बाद जब मुरलीधर ने कविता के दोनों नंबर पर फोन किए तो कॉल डायवर्ट होती रही। उन्होंने ई-मेल भेजकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी मगर कोई जवाब नहीं मिला। वेब पोर्टल से शिकायत पर भी कोई नतीजा नहीं निकला। एक महीने बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर पूर्व कमिश्नर मुरलीधर दुबे ने शनिवार को कैंट थाने में अर्जी दी तो वेब पोर्टल क्विकर डॉट कॉम, वेबसाईट और कविता के खिलाफ धोखाधड़ी का केस लिखा गया।