बरेली/शाही। शाही थाने के एक दरोगा पर पूर्व प्रधान के घर जाकर हड़काने और गांव में लगे भाजपा के झंडे उतरवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है। इस मामले में मीरगंज विधायक ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करा दी है। दरोगा को संबंधित क्षेत्र से हटाया जा सकता है।
भाजपा से जुड़े दौली जवाहरलाल के पूर्व प्रधान चमन सिंह का आरोप है कि शाही थाने के एक दरोगा ने उनके छोटे भाई को बेवजह हड़काया और घरों पर लगे भाजपा के झंडे उतरवाने का दबाव बनाया है। विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने चुनाव आयोग के प्रेक्षक से इस मामले की शिकायत की है। चमन सिंह के मुताबिक रविवार दोपहर दो बजे शाही थाने के दरोगा उमेश सिंह दौली जवाहरलाल गांव पहुंचे। उनके छोटे भाई सरनाम सिंह से रोजगार सेवक अरविंद सक्सेना और गौंटिया के तुलाराम के बारे में पूछा। उन दोनों ने चार माह पहले एक-दूसरे पर मारपीट की क्रॉस एनसीआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि सरनाम ने जब बताया कि वे दोनों के चुनाव प्रचार में गए हैं तो दरोगा जी भड़क गए। हड़काते हुए पूर्व प्रधान के बारे में भी अपशब्द कहे, कहा- सब नेतागिरी निकाल देंगे। उनका आरोप है कि दरोगा ने गौंटिया के कई घरों में लगे भाजपा के झंडे उतारने का भी दबाव बनाया। हालांकि दरोगा उमेश सिंह ने किसी भी विवाद से इंकार किया है। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने आरोपों की जांच कराने की बात कही। दरोगा की वहां तैनाती को लेकर भी उच्चाधिकारियों से चर्चा करेंगे।