सर्दी का मौसम (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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बारिश के बाद अब बर्फीली हवाएं परेशानी का कारण बनी हैं। शुक्रवार को सूरज निकला तो लेकिन, धूप बेहद कमजोर रही। पहाड़ों की तरफ से आ रहीं ठंडी बर्फीली हवाओं से शीतलहर का प्रकोप दिन भर बना रहा। न्यूनतम तापमान कई दिन बाद दस डिग्री के नीचे आया।
अचानक बढ़ी ठंड से लोग ठिठुरते रहे। वहीं कोहरा भी परेशानी का कारण बना रहा। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक शीतोष्ण चक्रवात के प्रभाव से पश्चिमी विक्षोभ अभी बारिश का कारण बन सकता है। आने वाले दिनों में और ठंड कड़क होगी। कोहरा अगले सात दिनों तक घना होगा।
बारिश के बाद से शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री लुढ़ककर 20.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान कई दिन बाद दस डिग्री के नीचे आया है। रात का न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी का स्तर उच्चतम रहा। आर्द्रता अधिकतम 95 और न्यूनतम 73 प्रतिशत मापी गई। ठंडी हवाओं के कारण घरों से बाहर निकले लोग कांपते रहे।
थोड़ी देर के लिए निकली धूप ठंडी हवाओं के सामने बेदम रही। दिन में तीन बजे के बाद हवाओं के प्रभाव से बढ़ी धुंध के बीच धूप गुम हो गई। शीतलहरी से बढ़ी गलन शरीर के खुले हिस्सों को सुन्न करती रही। रात में ठिठुरन वाली ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव के आगे बैठे रहे। कोहरे के कारण माघ मेला क्षेत्र और हाईवे पर दृश्यता काफी कम रही। बताया गया कि कई इलाकों में दृश्यता 25 मीटर से भी कम रही। खुले मैदानी इलाकों में लोगों को पांच से दस फीट तक देखना मुश्किल हो रहा था।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचन मिश्रा के मुताबिक आने वाले तीन दिन ठंड के लिहाज से अहम हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी जारी है, इसलिए तापमान में गिरावट होगी। बर्फीली हवाएं अभी ठिठुरन बढाएंगी। 19 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ के और सक्रिय होने पर हल्की बारिश के भी आसार हैं। वहीं मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले दो से तीन दिन तक शीतलहर का प्रकोप बना रह सकता है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी मैदानी इलाकों में मौसम बदलाव का कारण बन रही हैं।