चौफटका से बनने वाले दो लेन के फ्लाईओवर और चार लेन के आरओबी का काम जल्द ही शुरू होगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम दौर में है। वित्तीय बिड ओपन हो गई है। दो-तीन दिनों में रेट ऑफ कांट्रैक्ट तय होने के बाद कार्यदायी संस्था तय कर दी जाएगी। दोनों परियोजनाओं का काम एक साथ होना है। इसलिए कार्यदायी संस्था एक ही रहेगी। काम शुरू करने के लिए शासन ने 20 करोड़ रुपये निर्गत कर दिए हैं।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने 15 दिन पहले ही चौफटका फ्लाईओवर और आरओबी के निर्माण के लिए भूमिपूजन और आधारशिला रखी थी। लेकिन सेतु निगम ने उसके पहले ही इन दोनों निर्माण परियोजनाओं के लिए सितंबर में ही टेंडर जारी कर दिया था। पांच अक्तूबर को तकनीकी बिड ओपन कर दी गई थी। उसके बाद पिछले हफ्ते वित्तीय बिड ओपन कर दी गई। बिड में तीन एजेंसियों ने हिस्सा लिया है। बताया जा रहा है कि सबसे कम बोली लगाने वाली एजेंसी का नाम तय हो गया है। हालांकि अभी उसके नाम की घोषणा नहीं हुई है। दो-तीन दिनों में नाम की घोषणा हो जाएगी। उसके बाद कार्यदायी संस्था अपना काम शुरू करेगी।
आरओबी का निर्माण चौफटका स्थित महिला ग्राम स्कूल के पास से होगा, जबकि फ्लाईओवर का निर्माण जीटी रोड से कानपुर रोड पर किया जाएगा। फ्लाईओवर की लंबाई तकरीबन सात सौ मीटर होगी। आरओबी तकरीबन 1500 मीटर लंबा होगा। इन दोनों परियोजनाओं के निर्माण में कु ल 284.21 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। आरओबी और फ्लाईओवर बनने से न केवल बम्हरौली एयरपोर्ट की राह आसान होगी, बल्कि लोगों को जाम से निजात मिलेगी। कौशाम्बी के बौद्ध और जैन स्थलों पर पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक आरके सिंह के मुताबिक इन दोनों ही परियोजनाओं का निर्माण दो साल में पूरा किया जाना है।