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Prayagraj : महाकुंभ के कार्यों की धीमी गति पर प्रमुख सचिव नाराज, लापरवाही बरतने वाले अफरों पर कार्रवाई का आदेश

Thu, 26 Sep 2024 03:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रमुख सचिव ने मंगलवार की रात पीडीए की ओर से बनाई़ जा रहीं सड़कों का निरीक्षण किया था। उस समय ही पीडीए व लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग, नगर निगम के कार्यों में देरी की बात सामने आई थी। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव का पिछड़े कार्यों पर ज्यादा ध्यान रहा। 
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कुंभ के कार्यों की समीक्षा करते प्रमुख सचिव नगर विकास। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने महाकुंभ के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। मेला प्राधिकरण की ओर से ऐसे अफसरों और एजेंसियों की एक-दो दिन में सूची तैयार कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की जाएगी।

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महाकुंभ-2025 के मद्देनजर हो रहे 384 निर्माण कार्यों में से 54 का 25 फीसदी भी काम पूरा नहीं हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा काम प्रयागराज विकास प्राधिकरण, सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के हैं। प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने सभी संस्थाओं को 10 नवंबर तक काम पूरा करने की हिदायत दी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में महाकुंभ अपेक्स कमेटी की बैठक चार अक्तूबर को होगी। इससे पहले प्रमुख सचिव नगर विकास ने दो दिवसीय प्रयागराज प्रवास के दौरान महाकुंभ के कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की। 

प्रमुख सचिव ने मंगलवार की रात पीडीए की ओर से बनाई़ जा रहीं सड़कों का निरीक्षण किया था। उस समय ही पीडीए व लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग, नगर निगम के कार्यों में देरी की बात सामने आई थी। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव का पिछड़े कार्यों पर ज्यादा ध्यान रहा। बारिश और बाढ़ की वजह से सिंचाई विभाग के पक्के घाटों का निर्माण, रिवर फ्रंट काॅरिडोर आदि काम पिछड़ गए हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने चिंता जताई और पानी निकलते ही मैन पावर व संसाधन बढ़ाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि पीडीए की ओर से बनाई जा रहीं 15 सड़कों का काम अभी 25 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा प्राधिकरण के नौ कार्य 50 फीसदी भी पूरे नहीं हुए हैं। इसी तरह से लोक निर्माण विभाग की 13 सड़कों का काम अभी 25 प्रतिशत भी नहीं हुआ है। छह कार्य ऐसे हैं जिसका 50 फीसदी से कम काम हुआ है। वहीं, सीएंडडीएस के नौ काम 25 फीसदी पूरे नहीं हुए हैं। मेलाधिकारी ने बताया कि अलग-अलग विभागों के कुल 54 कार्य 25 फीसदी भी पूरे नहीं हुए हैं। इनके अलावा 41 निर्माण कार्य ऐसे हैं जिनकी प्रगति 50 प्रतिशत से कम है।

प्रमुख सचिव ने संबंधित विभागों के अफसरों तथा कार्यदायी संस्थाओं को 10 नवंबर तक काम पूरे कर लेने की हिदायत दी। इसके लिए संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने काम में शिथिलता बरते जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसी के साथ प्रमुख सचिव ने मंडलायुक्त और मेलाधिकारी को काम में शिथिलता बरतने वाले अफसरों तथा संस्थाओं की सूची तैयार कर कार्रवाई के निर्देश दिए। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि पीडीए, लोक निर्माण, सिंचाई, नगर निगम के काम ज्यादा पीछे चल रहे हैं। एक-दो दिनों में इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की जाएगी।

प्रमुख सचिव ने विभागों को समय के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले 40 से 45 दिन बहुत महत्वपूर्ण हैैं। 15 अक्तूबर तक काम पूरे कर लिए जाएं। कुछ पिछड़े कार्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने 31 अक्तूबर तक का समय दिया। वहीं, पीडीए और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को 10 नवंबर तक काम पूरा करने के लिए कहा। प्रमुख सचिव ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन, मेला क्षेत्र में बसावट आदि बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की और जरूरी निर्देश दिए।

मीडिया संग वार्ता में प्रमुख सचिव ने कहा कि बारिश और बाढ़ की वजह से काम पीछे होते गए। इसके अलावा 34 विभाग एक साथ काम कर रहे हैं। इनके बीच समन्वय बनाकर काम कराने की भी चुनौती रही। इसकी वजह से कुछ काम पिछड़ गए हैं लेकिन 10 नवंबर तक सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। नवंबर में 10 दिन इसलिए दिए गए हैं, ताकि जल्दबाजी में काम की गुणवत्ता न प्रभावित हो। प्रमुख सचिव ने नगर निकायों तथा जल निगम के कार्यों की भी अलग से बैठक की तथा जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने महाकुंभ के मद्देनजर प्रयागराज नगर निगम के अफसरों को शहर के सुंदरीकरण, सफाई आदि पर विशेष ध्यान देने की बात कही। बैठक में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, डीएम रविंद्र कुमार मांदर, नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।

पीडीए, नगर निगम, प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन के कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल

प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन, पीडीए, नगर निगम और अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति तो धीमी है ही, काम की गुणवत्ता पर भी सवाल हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने संबंधित विभाग के अफसरों को फटकार लगाई और चेतावनी दी। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को लापरवाही बरत रहे अभियंताओं, ठेकेदारों को चिह्नित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को काली सूची में डालने, एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने समेत अन्य कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने ऐसे अफसरों और एजेंसियों के खिलाफ कितनी कार्रवाई हुई है उसकी रिपोर्ट भी मांगी।

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि यदि विभागाध्यक्ष कार्रवाई की सूची नहीं देते हैं और काम की गुणवत्ता की शिकायत आती है तो वह खुद जांच कराएंगे। उन्होंने कहा कि शिकायत सही पाई गई तो संबंधित विभाग के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव ने थर्ड पार्टी में उठाए गए बिंदुओं की बाबत हुई कार्रवाई की भी रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेलाधिकारी से इसे सुनिश्चित करने के लिए कहा।

रोज होगी ऑनलाइन बैठक

प्रमुख सचिव ने कहा कि महाकुंभ के कार्यों की वह रोजाना खुद समीक्षा करेंगे। इसके लिए रात में 10 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक होगी। उन्होंने संबंधित विभागों के अफसरों संग काम करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों को भी बैठक में शामिल करने की बात कही।

अक्षयवट, हनुमान मंदिर कॉरिडोर का किया निरीक्षण

प्रमुख सचिव ने मंगलवार को आधी रात तक महाकुंभ के मद्देनजर कराए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। यह सिलसिला बुधवार की सुबह भी जारी रहा। समीक्षा बैठक से पहले उन्होंने अक्षयवट और पातालपुरी कॉरिडोर के अंतर्गत हो रहे कार्यों का निरीक्षण किया व जरूरी निर्देश दिए। प्रमुख सचिव हनुमान मंदिर कॉरिडोर का काम देखने भी पहुंचे लेकिन मंदिर को छोड़कर आसपास का इलाका अब भी बाढ़ के पानी में डूबा है। प्रमुख सचिव ने बाढ़ का पानी निकलते ही तेज गति से काम कराने के निर्देश दिए।

महाकुंभ में 25 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद

प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि महाकुंभ में 25 करोड़ श्रद्धालुओं व पर्यटकों के आने की उम्मीद है। प्रमुख सचिव ने कहा कि उनकी सुविधा के लिए सभी इंतजाम होंगे। भूले-बिसरे लोगों को अपनों तक पहुंचाने के लिए साइनेज आदि के साथ एआई का भी उपयोग किया जाएगा।

बाढ़ में डूबा मेला क्षेत्र, दिखी चिंता, मंगाए जाएंगे नए उपकरण

महाकुंभ की बसावट चार हजार हेक्टेयर में होगी लेकिन यह पूरा क्षेत्र अब भी बाढ़ में डूबा है। जबकि, 2019 के कुंभ में 15 सितंबर से ही मेला बसाने को लेकर काम शुरू हो गया था। मुश्किल यह कि पानी निकलने की रफ्तार बहुत धीमी है। प्रमुख सचिव के साथ बैठक में यह प्रमुख मुद्दा रहा। प्रमुख सचिव ने पानी निकलने के साथ युद्ध स्तर पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए अत्याधुनिक उपकरण मंगाने के साथ श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। विभागों की ओर से भी इसे ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

संगम क्षेत्र में स्नान घाटों पर बड़े स्तर पर ड्रेनेज काम कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत संगम से दशाश्वमेध घाट तक नदी में ड्रेनेज कार्य कराया जाएगा। चूंकि समय कम होगा, इसलिए बाढ़ प्रखंड के साथ बैराज यांत्रिक अनुरक्षण विभाग को भी यह काम दिया गया है। इसके अलावा प्रति घंटा 350 घनमीटर, 300 घनमीटर और 250 घनमीटर बालू निकालने की क्षमता वाली ड्रेनेज मशीनें मंगाई गई हैं। इतना ही नहीं पूरा मेला अब एक अधिशासी अभियंता के पास नहीं होगा।

सिंचाई विभाग की ओर से सेक्टर के अनुसार अधिशासी अभियंताओं की नियुक्ति की जाएगी। इसी तरह से जल निगम, बिजली समेत अन्य विभागों की ओर से भी सेक्टरवार कार्यदायी संस्थाओं को काम दिए जाने का निर्णय लिया गया है। एक या दो बड़ी एजेंसी को पूरा काम देने के बजाय इनकी संख्या भी बढ़ाई गई है। ताकि, सभी सेक्टर में एक साथ काम शुरू किया जा सके।

परेड मैदान से शुरू हुआ समतलीकरण का काम

परेड मैदान में पानी नहीं भरा है। ऐसे में मेला प्रशासन की ओर से अलग-अलग काम कराए जा रहे हैं लेकिन बुधवार को अधिकृत तौर पर एजेंसी के माध्यम से समतलीकरण का काम शुरू हुआ। प्रशासन की ओर से भी निर्णय लिया गया है कि मेला क्षेत्र में भी जैसे-जैसे बाढ़ का पानी निकलता जाएगा समतलीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।

10 से नई संस्थाओं से आवेदन लिए जाने की तैयारी

मेला प्रशासन में अभी करीब छह हजार संस्थाएं पंजीकृत हैं। इसी क्रम में नई संस्थाओं से भी पंजीकरण के लिए 10 अक्तूबर से आवेदन लिए जाने की तैयारी है। नई संस्थाएं ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा पहले से पंजीकृत संस्थाएं भी सुविधाएं बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकती हैं। मेला प्रशासन का अनुमान है कि महाकुंभ में करीब 10 हजार संस्थाएं आएंगी।
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50 फीसदी से कम पूरे हुए कार्य

विभाग             25 प्रतिशत से कम काम             50 प्रतिशत से कम काम

सीएंडडीएस                        09                                     06
प्रोजेक्ट कॉरपारेशन             02                                     02

जल निगम                         01                                     --
स्वास्थ्य                         --                                                 02

एमएनएमसी                        07                                                 01
पीडीए                         15                                                 09

नगर निगम                         04                                                 13
लोक निर्माण                        13                                                 06

पर्यटन                         03                                                 02
कुल                         54                                                 41

जाम से निजात के लिए तेजी से कराएं काम

पार्षदों ने प्रमुख सचिव को ज्ञापन सौंपकर महाकुंभ के काम में तेजी लाने की मांग की। उनका कहना था कि पीडीए के काम काफी पीछे चल रहे हैं। पूरे शहर में निर्माण कार्य की वजह से जाम की समस्या बढ़ गई है। इससे निजात के लिए उन्होंने काम में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने सीवरलाइन बिछाने, जलकर की विसंगति को दूर करने, गृहकर के बकायेदारों के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने समेत अन्य मांगें भी कीं। ज्ञापन सौंपने वालों में सर्वदलीय पार्षद पूर्व पार्षद जन कल्याण संस्था के अध्यक्ष शिवसेवक सिंह, आनंद घिल्डियाल, अनुराधा, रंजन कुमार, अशोक सिंह, चंद्र प्रकाश गंगा आदि शामिल रहे। 
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