रिजल्ट आने पर भी दाखिला न होने पर फोन करने पर झूठा आश्वासन देते रहे। उनके बताने के अनुसार नौ अक्तूबर को बेटा गया तो वहां पता चला कि ऐसे कई लोग और कॉलेज में टहल रहे हैं, जिन्हें दाखिले के लिए बुलाया गया है। उधर, एमडी ने मोबाइल भी बंद कर लिया। यही नहीं समूह के दिल्ली स्थित मुख्य कार्यालय व वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय का पता भी फर्जी निकला।
आरोप यह भी है कि इससे पहले 29 सितंबर को एमडी ने फोने पर बातचीत के दौरान बच्चे का भविष्य खराब करने व जान से मारने की धमकी भी दी। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने थाने से लेकर आला पुलिस अफसरों को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, अब तक एफआईआर नहीं दर्ज की गई। एसीपी राजेश यादव ने बताया कि प्रकरण की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।