कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप थमने के बाद ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना काल के पहले संचालित कुल ट्रेनों के मुकाबले उत्तर मध्य रेलवे जोन में 95 फीसदी ट्रेनों का संचालन शुरू होने के साथ ही चेन पुलिंग की घटनाएं भी बढ़नी शुरू हो गई है। बीते आठ महीनों की बात करें तो एनसीआर जोन में चेन पुलिंग के 1827 मामले आ चुके हैं। इस दौरान 300 लोगों को चेन पुलिंग के आरोप में जेल भी भेजा गया।
इस बीच एनसीआर के प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल द्वारा ट्रेनों चेन पुलिंग की घटनाएं रोकने के लिए आरपीएफ की ओर से भी विशेष अभियान शुरू गया है। इस अभियान के तहत ऐसे इलाके भी चिह्नित किए गए हैं, जहां चेन पुलिंग की घटनाएं ज्यादा होती है। जो इलाके चिह्नित किए गए हैं उसमें प्रयागराज जंक्शन-नैनी, प्रयागराज छिवकी-करछना, सराय भूपत-इटावा, रुरा-मैथा, ग्वालियर-बिरलानगर, भूतेश्वर-मथुरा, कोसी-होडल आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
एनसीआर के सीपीआरओ डा. शिवम शर्मा बताते हैं कि चेन पुलिंग की घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित इलाकों में आरपीएफ की विशेष निगहबानी रहेगी। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर भी लगातार बेवजह चेन पुलिंग करने वाले लोगों को एनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। साथ ही फेसबुक, ट्विटर, कू, इंस्टाग्राम आदि के द्वारा भी प्रचार प्रसार किया जा रहा है। सीपीआरओ ने बताया कि एक जनवरी 21 से 31 अगस्त 21 तक चेन पुलिंग करने वाले लोगों से 12.42 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। इस दौरान अगस्त माह में ही 1.87 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।