कांपती आवाज में पूछा, क्या हुआ था
मोर्चरी पर करीब 12:00 बजे रात जार्जटाउन थानाध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव फोर्स के साथ पहुंचे। थानाध्यक्ष ने अपना परिचय देते हुए मृतक छात्रा के पिता से बात की तो उन्होंने कांपती आवाज में पूछा कि आखिर क्या हुआ था। थानाध्यक्ष ने घटना के बारे में बताया तो पिता कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। थानाध्यक्ष ने उन्हें किसी तरह संभाला और फिर पत्नी समेत एसआरएन चौकी ले जाकर बैठाया। उधर, बेटी की मौत की खबर सुनकर मां को भी गहरा सदमा पहुंचा था।
तीन बच्चों में सबसे बड़ी थी श्रुति
पिता ने बताया कि उनके तीन बच्चों में श्रुति सबसे बड़ी थी। उससे छोटे दो बेटे हैं जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं। परिवार मूल रूप से सुल्तानपुर का रहने वाला है। जबकि पिता लखनऊ में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं।
हाल ही में बदला गया था कमरा
हाल ही में छात्रा का कमरा भी बदला गया था। दरअसल, पहले वह एक कमरे में रूममेट के साथ रहती थी। प्राचार्य ने बताया कि साथ में रहने वाली छात्रा ने शिकायत की थी कि श्रुति बहुत तेज आवाज में पढ़ाई करने लगती थी। इसकी वजह से उसकी पढ़ाई बाधित होती थी। इसी दौरान एक कमरा खाली हुआ तो उसे दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। तब से श्रुति अकेले ही कमरे में रहती थी।
पढ़ाई में बहुत अच्छी थी श्रुति
घटना से हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राएं स्तब्ध दिखीं। तृतीय वर्ष की एक छात्रा ने बताया कि श्रुति पढ़ाई में अच्छी थी। उसका ज्यादातर वक्त किताबों में बीतता था। साथ पढ़ने वाली ही नहीं जूनियर छात्राएं भी टॉपिक्स को समझने में उसकी मदद लेती थीं। शनिवार सुबह 8:30 बजे के आसपास वह आखिरी बार दिखी थी। आमतौर पर दोपहर का वक्त आराम का होता है, ऐसे में सभी को लगा कि हो सकता है कि वह सो रही हो। हालांकि, बहुत देर तक बाहर नहीं आने पर शक हुआ। कई बार आवाज लगाई गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो गार्ड दिलीप चौधरी को बुलाया गया। इसके बाद दरवाजा तोड़कर देखा गया तो वह फंदे पर लटकी मिली।