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MBBS छात्रा के आत्महत्या का मामला : पिता बोले-  बेटी ने बताया था, परेशान करते हैं कुछ दोस्त

Sat, 14 Oct 2023 12:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा के मौत के मामले में पिता ने कहा कि दो दिन पहले जब वह उससे मिलकर गए थे तो सब कुछ ठीक था। हालांकि उसने यह जरूर कहा था कि कुछ दोस्त उसे परेशान करते थे। उधर मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्रा अवसाद में थी। 
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श्रुति श्रीवास्तव। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में फंदे पर लटकी मिली एमबीबीएस छात्रा श्रुति श्रीवास्तव की मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, छात्रा के माता-पिता रात करीब 11:45 बजे मोर्चरी पहुंचे। पिता मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें खुद समझ में नहीं आ रहा है कि बेटी ने ऐसा कदम क्यों उठाया। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले वह बेटी से मिलने आए थे तो उसने बताया था कि कुछ दोस्त उसे परेशान करते हैं।

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वहीं, पुलिस को श्रुति के कमरे से उसका मोबाइल मिला है, जो लॉक है। इसके साथ ही अवसाद की कुछ दवाएं भी मिली हैं। श्रुति का मोबाइल लॉक होने के कारण पुलिस को इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि उसकी आखिरी बार किससे बात हुई। अवसाद की दवाएं मिलने के संबंध में श्रुति के पिता ने बताया कि डेढ़-दो साल पहले कुछ समस्या थी, जिसका इलाज कराया गया था। हालांकि, वह पूरी तरह से ठीक हो गई थी। एहतियातन कुछ दवाएं अपने साथ रखती थी।

बताया कि फोन पर हुई बातचीत में पता चला था कि बेटी ने तीन दिन पहले न नाश्ता किया और न ही दोपहर का खाना खाया। इस पर वह 11 अक्टूबर को पत्नी के साथ बेटी से मिलने आए थे। रात में बेटी को ले जाकर बाहर खाना भी खिलाया था। तब वह पूरी तरह से ठीक थी और किसी परेशानी की बात उसने नहीं बताई।
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उन्होंने पत्नी को उसके साथ छोड़ने की बात भी कही थी, जिस पर उसने मना कर दिया था। उधर, घटना के बाद मौके पर फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया, जिसने दवाओं व फिंगर प्रिंट के नमूने एकत्र किए। छात्रा का पोस्टमार्टम शनिवार को होगा।

कांपती आवाज में पूछा, क्या हुआ था


मोर्चरी पर करीब 12:00 बजे रात जार्जटाउन थानाध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव फोर्स के साथ पहुंचे। थानाध्यक्ष ने अपना परिचय देते हुए मृतक छात्रा के पिता से बात की तो उन्होंने कांपती आवाज में पूछा कि आखिर क्या हुआ था। थानाध्यक्ष ने घटना के बारे में बताया तो पिता कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। थानाध्यक्ष ने उन्हें किसी तरह संभाला और फिर पत्नी समेत एसआरएन चौकी ले जाकर बैठाया। उधर, बेटी की मौत की खबर सुनकर मां को भी गहरा सदमा पहुंचा था।

तीन बच्चों में सबसे बड़ी थी श्रुति

पिता ने बताया कि उनके तीन बच्चों में श्रुति सबसे बड़ी थी। उससे छोटे दो बेटे हैं जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं। परिवार मूल रूप से सुल्तानपुर का रहने वाला है। जबकि पिता लखनऊ में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं।

हाल ही में बदला गया था कमरा

हाल ही में छात्रा का कमरा भी बदला गया था। दरअसल, पहले वह एक कमरे में रूममेट के साथ रहती थी। प्राचार्य ने बताया कि साथ में रहने वाली छात्रा ने शिकायत की थी कि श्रुति बहुत तेज आवाज में पढ़ाई करने लगती थी। इसकी वजह से उसकी पढ़ाई बाधित होती थी। इसी दौरान एक कमरा खाली हुआ तो उसे दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। तब से श्रुति अकेले ही कमरे में रहती थी।
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पढ़ाई में बहुत अच्छी थी श्रुति

घटना से हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राएं स्तब्ध दिखीं। तृतीय वर्ष की एक छात्रा ने बताया कि श्रुति पढ़ाई में अच्छी थी। उसका ज्यादातर वक्त किताबों में बीतता था। साथ पढ़ने वाली ही नहीं जूनियर छात्राएं भी टॉपिक्स को समझने में उसकी मदद लेती थीं। शनिवार सुबह 8:30 बजे के आसपास वह आखिरी बार दिखी थी। आमतौर पर दोपहर का वक्त आराम का होता है, ऐसे में सभी को लगा कि हो सकता है कि वह सो रही हो। हालांकि, बहुत देर तक बाहर नहीं आने पर शक हुआ। कई बार आवाज लगाई गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो गार्ड दिलीप चौधरी को बुलाया गया। इसके बाद दरवाजा तोड़कर देखा गया तो वह फंदे पर लटकी मिली।
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