इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर 502 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने भी लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य पर लगातार कुठाराघात कर रही है।
69 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर लखनऊ में निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज से छात्र भड़के हुए हैं। इस मुद्दे पर समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने रविवार को कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च सिविल लाइंस पत्थर गिरजाघर चौराहे से लेकर सुभाष चौराहे तक निकाला गया। कैंडल मार्च में शामिल छात्रों ने पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर 502 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने भी लखनऊ में हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य पर लगातार कुठाराघात कर रही है। इस मौके पर छात्र नेता नवनीत यादव, राहुल पटेल, हरेंद्र यादव, अभिषेक यादव, प्रकाश सिंह, मसूद अंसारी, सुधीर यादव, इंद्रजीत मौर्या आदि मौजूद रहे।
रोजगार के मुद्दे पर निर्णायक आंदोलन की तैयारी
रोजगार के मुद्दे पर सिविल लाइंस में पत्थर गिरजाघर चौराहे के पास युवा मंच के बैनर तले प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन 96वें दिन भी जारी रहा। तय हुआ कि सात दिसंबर को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन में बैठक की जाएगी, जिसमें निर्णायक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस मौके पर राजेश सचान, बीएल यादव, सूर्य प्रकाश चौधरी, राजेश त्रिपाठी, सुनीता, पूनम, ईशान, रवि शर्मा, कपिल यादव आदि मौजूद रहे।