कुंभ के मद्देनजर हुए स्थाई और अस्थाई कार्यों में कई तरह की अनियमितताएं हुई हैं। कार्यदायी संस्थाओं ने संगम क्षेत्र में जमीन समतलीकरण के काम में टै्रक्टर के बजाय मोपेड और मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया है। भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। खास यह कि इस गड़बड़ी की अनदेखी करके भुगतान भी कर दिया गया। जबकि, हर कार्य की जांच के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी भी हायर की गई थी।
जमीन समतलीकरण के लिए सैकड़ों वाहनों का इस्तेमाल हुआ था। एजी ऑफिस की टीम ने इनमें से 32 ट्रैक्टरों के दस्तावेजों की क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से जांच कराई। जांच में पाया गया कि 32 में से चार ट्रेक्टरों के पंजीकरण नंबर एक मोपेड, दो मोटरसाइकिल तथा एक कार के थे। इस पर सीएजी की रिपोर्ट में आपत्ति उठाई गई है। हालांकि अफसरों का जवाब था कि त्रुटिवश ऐसा हो गया।