सलोरी आरओबी के निर्माण में आने वाली बाधाएं दूर हो गई हैं। इस आरओबी की राह में सेना की जमीन आने से एनओसी लेने के लिए सेतु निगम को चक्कर काटना पड़ रहा था। लेकिन, अब इस जमीन की कीमत चुकाने के लिए शासन ने 46.63 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। सेना के खाते में जल्द ही धनराशि हस्तांतरित कर दी जाएगी, ताकि एनओसी की प्रक्रिया पूरी की जा सके। सलोरी आरओबी के ठप पड़े निर्माण को जल्द ही शुरू किया जाएगा। इस आरओबी के निर्माण के लिए भूमि की बाधा अब दूर हो गई है।
शहर उत्तरी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सलोरी आरओबी मजार तिराहे के पास जहां से उठाना है, वहां से लेकर अंत तक 1.27 हेक्टेयर भूमि सेना की आ रही है। इस भूमि के बदले भूमि देने की बात पहले सेतु निगम ने सेना से की थी। लेकिन, लंबी मशक्कत के बाद भी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सेना ने एनओसी देने से इंकार कर दिया और आरओबी का निर्माण सेतु निगम को रोकना पड़ गया।
इसके बाद डीएम के हस्तक्षेप पर इस आरओबी के निर्माण के लिए सेना की जमीन की पैमाइश कराकर मूल्यांकन कराया गया तो इसकी कीमत सर्किल रेट के हिसाब से 46.63 करोड़ रुपये आंकी गई। इस रकम को चुकाने के लिए सेतु निगम ने प्रस्ताव भेजा था।
अब शासन ने इस रकम को मंजूरी दे दी है। सेना की जमीन की कीमत चुकाने के लिए रकम सेतु निगम के खाते में आ गई है। अब इस रकम को सेना को हस्तांतरित करने के लिए पत्र लिखकर बैंक एकाउंट मांगा गया है। सेतु निगम के अफसरों के मुताबिक खाता संख्या मिलते ही जमीन की कीमत के बदले रकम हस्तांतरित कर एनओसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
आरओबी की पाइलिंग का अब शुरू होगा काम
सलोरी आरओबी का निर्माण आरंभ करने के लिए पहल शुरू कर दी गई है। 76 मीटर तक सेतु निगम के हिस्से की जमीन में पाइलिंग का काम कराया जा रहा था, लेकिन पिछले दिनों इसे भी रोकना पड़ा था। कहा जा रहा है कि स्टील और अन्य सामग्री की कमी की वजह से काम रोकना पड़ा था। अब स्टील आ गया है। इससे पाइलिंग का काम जल्द ही आरंभ करा दिया जाएगा।