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उपलब्धि : 12 साल के बच्चे के लीवर में फैला आंत का कैंसर, एसआरएन में हुई सफल सर्जरी

Sun, 02 Jul 2023 06:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में छह माह पहले बेहद गरीब परिवार के मिर्जापुर निवासी 12 वर्षीय गीत नागर को कैंसर सर्जरी डिपार्टमेंट में इलाज के लिए लाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि बच्चे को आंत के लिंफोमा नामक कैंसर की समस्या है।
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एसआरएन में लीवर कैंसर के मरीज का आपरेशन करते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के चिकित्सकों ने 12 साल के बच्चे के लीवर में फैले आंत के कैंसर की सफल सर्जरी करके नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रयागराज में लीवर में फैले ट्यूमर को निकालने की यह पहली सर्जरी है। इससे पहले लोगों को दिल्ली या लखनऊ जैसे शहरों में जाना पड़ता था। आंत के लिंफोमा नामक कैंसर से पीड़ित बच्चे का ऑपरेशन छह माह के अंतराल में दो बार किया गया। वहीं, सर्जरी के बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई है।

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स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में छह माह पहले बेहद गरीब परिवार के मिर्जापुर निवासी 12 वर्षीय गीत नागर को कैंसर सर्जरी डिपार्टमेंट में इलाज के लिए लाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि बच्चे को आंत के लिंफोमा नामक कैंसर की समस्या है। बच्चे की आंत में ट्यूमर से लगातार खून का रिसाव होने के कारण हिमोग्लोबिन छह के स्तर पर पहुंच गया था।

सीटी स्कैन से पता चला कि बीमारी लीवर में भी फैल गई है। इसके बाद बच्चे की सर्जरी करके ट्यूमर को निकाला गया और रक्त स्राव को रोका गया। इसमें मल का रास्ता इलियोस्टोमी द्वारा पेट में ऊपर से बनाया गया। इसके उपरांत बच्चे को लीवर में फैले ट्यूमर को रोकने के लिए तीन महीने तक कीमो थेरेपी दी गई। कीमो के असर से बीमारी रुक तो गई पर पूरी तरह से लीवर ठीक नहीं हुआ।
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फिर कैंसर सर्जन डॉक्टर राजुल अभिषेक और डॉक्टर आशीष पांडे की टीम ने दोबारा ऑपरेशन करके लीवर में फैले ट्यूमर को निकालने का फैसला लिया। मरीज के परिजनों ने तत्काल खून की व्यवस्था की और ऑपरेशन की सहमति दी। डॉक्टरों ने 23 जून को सफल ऑपरेशन करके लीवर में फैले ट्यूमर को भी निकाल दिया। वहीं, मल के रास्ते को दोबारा प्राकृतिक रूप से जोड़ दिया। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य है। 30 जून को मरीज गीत नागर को डिस्चार्ज कर दिया गया।

यह बहुत ही जटिल सर्जरी थी, जिसमें लीवर में फैली बीमारी का समय रहते इलाज करना भी मुश्किल था। कैंसर सर्जन डॉ. राजुल अभिषेक, सीनियर रेजिडेंट डॉ. आशीष पांडे, डॉ. प्रदीप सिंह और डॉ. केसी की टीम ने चार घंटे से अधिक समय तक सर्जरी करके बच्चे के ट्यूमर को बाहर निकालने में सफलता हासिल की। - डॉ. आशीष पांडेय, सीनियर रेजिडेंट, सर्जिकल ऑनकोलॉजी, एसआरएन
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