विपक्षी दलों के नेता इसे जनता की नाराजगी या जनाक्रोश का नाम दे रहे हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। यह पूरा वाकया भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी को लेकर शुरू हुआ था, जो झड़प में बदल गया और दोनों पक्ष के कार्यकर्ताओं की हाथापाई का निशाना भाजपा सांसद भी बने।
प्रतापगढ़ में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसे लेकर नेता और जनता अपने-अपने तरह से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कोई जन प्रतिनिधि के साथ ऐसे बर्ताव की घटना को गलत ठहरा रहा है तो कोई इसे भाजपा सरकार की नाकामी का उदाहरण बता रहा है। विपक्षी दलों के हाथ में भी एक मुद्दा आ गया है जिसे लेकर अब वे यूपी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है यह मामला और इसे लेकर किस तरह की बातें हो रही हैं।
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संजय सिंह ने साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि लोकतंत्र में पिटाई नहीं होनी चाहिए। भाजपा के विधायक-सांसद को तो बचाइए आदित्यनाथ जी।
अखिलेश बोले- जनआक्रोश का हिंसक होना अच्छा नहीं होता
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लिखा कि भाजपा सरकार में जिस तरह सरेआम हिंसा को प्रोत्साहन-संरक्षण दिया गया, उसका खामियाजा आज उसके ही सांसदों-विधायकों को भुगतना पड़ रहा है। ये अपने जनप्रतिनिधियों तक को संरक्षण नहीं दे पा रही है। उप्र भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था फरार है। जनआक्रोश का हिंसक होना अच्छा नहीं होता।
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कांग्रेस नेता ने उड़ाया मजाक
कांग्रेस नेता पंकज पुनिया ने इस घटना पर चुटकी लेते हुए लिखा कि खबर मिली है कि भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता और उनके साथियों को भीड़ ने न केवल दौड़ा दौड़ा कर पीटा है बल्कि उनसे एक से सौ तक की गिनती भी गिनवाई गई??
यह है मामला
हालांकि विपक्षी दलों के नेता इसे जनता की नाराजगी या जनाक्रोश का नाम दे रहे हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। यह पूरा वाकया भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी को लेकर शुरू हुआ था, जो झड़प में बदल गया और दोनों पक्ष के कार्यकर्ताओं की हाथापाई का निशाना भाजपा सांसद भी बने।
दरअसल प्रतापगढ़ के सांगीपुर ब्लॉक में शनिवार को गरीब कल्याण मेले का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी और उनकी बेटी और कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा मोना मौजूद थीं। इसी बीच भाजपा के सांसद संगम लाल गुप्ता भी अपनी कई गाड़ियों के काफिले के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों नेताओं के समर्थक एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू होने लगी और दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक दूसरे से उलझ गए।