फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 'ऐसी भी क्या जल्दी थी', हड़बड़ी में असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया पूरी करने पर कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

Tue, 30 Jul 2024 12:17 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
allahabad high court - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया में बरती गई हड़बड़ी को देखकर हैरानी जताई। पूछा, इतनी भी क्या जल्दी थी कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही चयन प्रक्रिया पूरी कर ली। कोर्ट ने सामान्य श्रेणी का एक पद खाली रखने का निर्देश देते हुए विश्विद्यालय से पांच अगस्त तक जवाब मांगा है। 
विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की अदालत ने दिविशा अग्रवाल की याचिका पर दिया है। याची ने विश्वविद्यालय की ओर से नवंबर 2022 में इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के लिए विज्ञापित असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए होने वाले साक्षात्कार की चयन सूची को चुनौती दी थी। याची का दावा है कि वह पद के लिए योग्य उम्मीदवार है लेकिन उसे साक्षात्कार में नहीं बुलाया गया।

याची के अधिवक्ता सुदीप हरकौली ने दलील दी कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के मुताबिक वाणिज्य विषयों की सीधी भर्ती के लिए परास्नातक में 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य है। याची बीकॉम के साथ एमबीए भी किया है, जो परास्नातक डिग्री है और विज्ञापित पद के लिए प्रासंगिक है। 
विज्ञापन


अपने तर्क के समर्थन में याची ने केंद्रीय विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की ओर से जारी विज्ञापन का हवाला दिया, जिसमें एमबीए की डिग्री को प्रासंगिक माना गया है। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए 24 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन से जबाव तलब करते हुए 26 जुलाई को मामले की सुनवाई नियत की थी। 

याची के अधिवक्ता ने सुबह कोर्ट को अवगत कराया कि साक्षात्कार को लेकर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक दोपहर एक बजे आहूत की गई है। इस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई 12 बजे नियत की। कोर्ट ने इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के वकील प्रतीक चंद्रा को भी दी। कोर्ट ने 12 बजे सुनवाई शुरू की। 

 

दलीलों के बीच विश्वविद्याल के वकील ने 1:15 बजे अदालत को बताया कि विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। योग्य उम्मीदवार न मिलने पर एक पद खाली छूट गया है। इस जानकारी पर कोर्ट ने हैरानी जताते हुए तल्ख टिप्पणी की। कहा कि कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच ऐसी भी क्या जल्दी थी कि चयन प्रक्रिया ही पूरी कर ली गई।
विज्ञापन

अदालत इसकी सराहना नहीं कर सकती। मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी। कोर्ट ने चयन प्रक्रिया का परिणाम भी अपने अधीन रखा है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें