इस वर्ष शुरू होंगे तीन नए हॉस्टल
इविवि के तीन नए हॉस्टलों का संचालन इस वर्ष से शुरू कर दिया जाएगा। इनमें महिला और एक पुरुष छात्रावास है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय छात्रावास का संचालन भी शुरू होने जा रहा है। इसके अलावा हिंदू हॉस्टल भी नए रंग-रूप में तैयार हो गया है, जिसमें छात्रों को इसी सत्र से प्रवेश दिए जाएंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से छात्राओं और शिक्षकों की सुविधा के लिए इसी सत्र से दो नई बसों का संचालन भी शुरू किया गया है।
जल्द पूरा होगा दो हजार सीटों वाले ऑडिटोरियम का निर्माण
इविवि के विज्ञान संकाय में दो हजार सीटों वाले एक विशाल ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य चल रहा है, जो जल्द ही पूरा होगा। साथ ही संरचनात्मक रूप से विस्तार के लिए केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की इमारत और लेक्चर थियेटर कॉम्पलेक्स शीघ्र ही तैयार हो जाएंगे। कला संकाय में सेंट्रल लाइब्रेरी की एक्सटेंशन बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। शिक्षकों के आवास की सुविधा को बढ़ाते हुए बेली कॉलोनी में नए आवास बनाए गए और आवंटन किया गया।
पांच दशक बाद बदलाव की बयार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्थिति 70 के दशक से बिगड़ने लगी, जब 1973 में इसे पूरी तरह से राज्य सरकार के अधीन कर दिया गया। कुलपतियों की नियुक्ति परोक्ष रूप से सरकार के हाथ में चली गई और विश्वविद्यालय का राजनीतिकरण होने लगा। शिक्षकों की नियुक्ति में जाति और रिश्तेदारी देखी जाने लगी। वर्ष 2005 में केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद हालात और तेजी से बिगड़े। पांच साल पहले तक विश्वविद्यालय में शिक्षकों के छह सौ पद खाली थे और पिछले कुलपति नियुक्तियां नहीं कर सके। अब पांच साल बाद बदलाव की बयार दिख रही है। बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति होने से विश्वविद्यालय के लिए भविष्य के रास्ते खुले हैं।