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Prayagraj : आईआरसीटीसी की लापरवाही से मुंबई की फ्लाइट का टिकट रद्द, उपभोक्ता आयोग ने ठोका हर्जाना

Mon, 23 Sep 2024 05:43 PM IST
विनोद सिंह अमित गुप्ता, अमर उजाला प्रयागराज

सार

झूंसी निवासी दिनेश प्रताप सिंह ने एक अगस्त 2015 को गोदान एक्सप्रेस (11056) से 29 नवंबर को प्रयागराज से मुंबई जाने के लिए थर्ड एसी में टिकट बुक करवाया। लेकिन, यात्रा के दिन भी उनकी सीट कंफर्म नहीं हुई और एक वेटिंग बनी रही। उसी दिन शाम 5:24 बजे मोबाइल पर मैसेज आया कि कृपया स्टेटस चेक करें, चार्ट बन गया है।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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झूंसी के रहने वाले एक व्यक्ति को सस्ते दामों पर फ्लाइट से मुंबई की टिकट का ऑफर देना इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने आईआरसीटीसी को टिकट के 17,882 रुपये आठ फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। यह फैसला आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम और सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी की बेंच ने सुनाया है।

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झूंसी निवासी दिनेश प्रताप सिंह ने एक अगस्त 2015 को गोदान एक्सप्रेस (11056) से 29 नवंबर को प्रयागराज से मुंबई जाने के लिए थर्ड एसी में टिकट बुक करवाया। लेकिन, यात्रा के दिन भी उनकी सीट कंफर्म नहीं हुई और एक वेटिंग बनी रही। उसी दिन शाम 5:24 बजे मोबाइल पर मैसेज आया कि कृपया स्टेटस चेक करें, चार्ट बन गया है।

मैसेज में सस्ते दामों पर फ्लाइट का ऑफर दिया गया और कहा कि आईआरसीटीसी पर लॉग इन करके टिकट बुक करें। वेबसाइट पर लाॅग इन के बाद अगले दिन 30 नवंबर की लखनऊ से मुंबई के लिए गो एयर इंडिया फ्लाइट (G8-369) का टिकट बुक करवाया। इसके लिए उन्होंने 3489 रुपये चुकाए। दिनेश जब 30 नवंबर को लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर गो एयर इंडिया के काउंटर नंबर-चार पर बोर्डिंग पास बनवाने के लिए पहुंचे तो उनसे कहा गया कि आपका टिकट निरस्त हो गया है।

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मुंबई के लिए दोबारा कराया टिकट बुक

परिवादी के पूछने पर गो एयर इंडिया के चीफ विनोद श्रीवास्तव ने बताया कि समय से आईआरसीटीसी द्वारा टिकट के रुपयों का भुगतान न करने की वजह से फ्लाइट टिकट स्वत: निरस्त हो गया है। इससे परेशान होकर जब उन्होंने आईआरसीटीसी के हेल्पलाइन नंबर पर इसकी जानकारी तो कहा गया कि यहां से गो एयर इंडिया को समय से भुगतान कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने लेने से इन्कार कर दिया। परिवादी को 30 नवंबर को मुंबई अपनी नौकरी पर पहुंचना जरूरी था। विनोद के कहने पर उन्होंने तत्काल 17,882 रुपये का मुंबई के लिए दूसरा टिकट बुक करवा लिया।
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मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए भी लगाया जुर्माना

परिवादी ने 17 नवंबर 2017 को बारह खंभा रोड नई दिल्ली की आईआरसीटीसी महाप्रबंधक के खिलाफ आयोग में केस फाइल किया था। सात साल बाद आयोग का फैसला आया है। साथ ही आयोग ने शिकायतकर्ता को हुई मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार जुर्माना और अन्य खर्च के लिए दो हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा है कि निर्णय तिथि से दो महीने के भीतर 17,882 पर आठ फीसदी ब्याज दर के साथ भुगतान करना होगा।
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