राजकीय डिग्री कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए ऐसे अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे, जिनके स्नातक में 45 प्रतिशत से कम अंक हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस संबंध में लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में उचित संशोधन करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन में यह शर्त थी कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का स्नातक में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक होने चाहिए। जिसे हाईकोर्ट में चुनौती देकर कहा गया कि यूजीसी ने 2018 में ही यह अनिवार्यता समाप्त कर दी है। गोपाल सिंह व अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सुनवाई की। इससे पूर्व हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग व राज्य सरकार से इस मामले में जानकारी मांगी थी।