? हाईकोर्ट ने सूचीपत्र प्रवेश संबंधी रूल रेग्यूलेशन व आवेदन की योग्यता के दस्तावेज के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई आठ मार्च को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2020 में पांचवीं कक्षा पास बच्चे को एक साल के अंतराल के कारण छठीं कक्षा में प्रवेश देने से इंकार करने के खिलाफ याचिका पर चेयरमैन नवोदय विद्यालय समिति से जवाब मांगा है। पूछा है कि क्या वर्ष 2020 के छात्र एक साल के अंतराल के बाद 2022 में अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले सकते?
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यदि आवेदन भरने में गलती हुई है तो इसका क्या प्रभाव होगा? हाईकोर्ट ने सूचीपत्र प्रवेश संबंधी रूल रेग्यूलेशन व आवेदन की योग्यता के दस्तावेज के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई आठ मार्च को होगी।
याची केअधिवक्ता का कहना है कि 2019-2020 सत्र में उसने पांचवीं कक्षा पास की। एक साल बाद सत्र 2021-22 में जवाहर नवोदय विद्यालय बरूआ सागर झांसी में छठी कक्षा में प्रवेश लेने का आवेदन दिया। उसका टेस्ट लिया गया जिसमें उसकी 22वीं रैंक आई है। लेकिन यह कहते हुए उसे प्रवेश देने से इंकार कर दिया गया कि नीति के तहत उसमें प्रवेश पाने की योग्यता नहीं है। सत्र 2020-21 के छात्र ही प्रवेश पाने के हकदार हैं। इसे चुनौती दी गई। एकल पीठ ने याचिका खारिज कर दी।