आगरा में हाईकोर्ट की खंडपीठ बनाने के संबंध में केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू के बयान के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल से मुलाकात करेंगे। तय किया गया है कि वार्ता के लिए मुख्य न्यायाधीश और प्रयागराज के सांसद से समय लिया जाएगा और वकीलों का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही उनसे मुलाकात कर अपना पक्ष रखेगा। इस संबंध में बुधवार को हाईकोर्ट में आम सभा की बैठक हुई जिसमें निवर्तमान कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ ही बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि हाईकोर्ट की एक और खंडपीठ के गठन का प्रयास असंविधानिक है। उत्तराखंड राज्य का गठन हो जाने के बाद जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट निरर्थक हो गई है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ऐसे किसी भी प्रयास की निंदा करती है। बैठक में मौजूदा कार्यकारिणी सदस्यों को इस मामले में कार्ययोजना बनाने के लिए अधिकृत किया गया। ताकि मुख्य न्यायाधीश और स्थानीय सांसद से मिलकर वार्ता की जा सके। आम सभा की बैठक 26 नवंबर को फिर से बुलाई गई है।
बैठक में यह भी कहा गया कि वर्तमान एल्डर कमेटी के चेयरमैन का कार्य हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के हितों के विरुद्ध है इसलिए उनको चेयरमैन के पद से विमुक्त हो जाना चाहिए। बैठक में निवर्तमान अध्यक्ष अमरेंद्रनाथ सिंह और महासचिव प्रभाशंकर मिश्र के अलावा आईके चतुर्वेदी, राधाकांत ओझा, एसी तिवारी, एसडी सिंह जादौन, विक्रांत पांडेय, अविनाश शर्मा, अच्युतानंद पांडेय, अनुराधा सुंदरम, , अतुल कुमार पांडेय, शशि प्रकाश सिंह, एलडी राजभर, सुरेंद्र नाथ मिश्र तथा बार कार्यकारिणी के सदस्य व बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।